Death or murder of Sonipat soldier

Sonipat के राजलू गढ़ी में सैन्य सम्मान के साथ किया जवान का अंतिम संस्कार, परिजनों ने ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने का लगाया आरोप, मां बोली शहीद हो गया बेटा

बड़ी ख़बर सोनीपत हरियाणा

बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर घर वापस लौट रहे सेना के जवान की झांसी के पास ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ट्रेन में सीट को लेकर पहले सेना के जवान वीरेंद्र राठी की अन्य किसी यात्री से बहसबाजी हुई थी। बहसबाजी के बाद वीरेंद्र राठी को ट्रेन से धक्का दे दिया गया। जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक जवान वीरेंद्र राठी का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव हरियाणा के जिला सोनीपत के गांव राजलू गढ़ी लाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में सैन्य बल और ग्रामीणों के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग शामिल हुए। वहीं वीरेंद्र राठी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जा रहा है कि राजलू गढ़ी निवासी 37 वर्षीय वीरेंद्र राठी सेना की जाट रेजिमेंट की शामिल थे। वह अपनी ट्रेनिंग पूरी कर घर लौट रहे थे। उनकी 5 दिसंबर को बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22691 के कोच नंबर बी-2 में सीटर नंबर 22 आरक्षित थी। इस दौरान सीट बदलकर वह 70 नंबर पर सफर कर रहे थे। इसके बाद जवान ललितपुर-जीरोन स्टेशन के बीच रेल लाइन पर घायल अवस्था मिले।

शहीद 1

मामले की सूचना पाकर संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान वीरेंद्र राठी की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंचे और ट्रेन से गिरने का संदेह जताया। परिजनों का आरोप है कि वीरेंद्र राठी को ट्रेन से धक्का देकर गिराया गया। जिससे उनकी मौत हुई। हत्या से पहले ट्रेन में सीट को लेकर विवाद भी हुआ था। जिसकी वीडियो परिजनों के पास है।

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शहीद वीरेंद्र

साथ ही परिजनों का आरोप है कि वीरेंद्र जिस कोच में यात्रा कर रहे थे, उसके शौचालय का कांच भी टूटा हुआ था। वीरेंद्र राठी की मां का कहना है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। वहीं पिता का कहना है कि वह तीन पीढ़ियों से देश की सेवा कर रहे थे। वह अपने पौते और वीरेंद्र राठी के लड़के को भी सेना में भर्ती करवाएंगे। बता दें कि वीरेंद्र के पिता भी सेना से सेवानिवृत्त हैं और उनका भी सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। वीरेंद्र के भाई का कहना है कि उनके भाई की रंजिशन हत्या की गई है। पहले 22 नंबर सीट दी गई थी, फिर 72 नंबर सीट पर बैठा दिया गया। उनका कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा।