चरखी-दादरी : हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरपर्सन बबीता फौगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (डब्लयूएफआइ) और पहलवानों के बीच हुए विवाद में एंट्री मारी हैं। चरखी दादरी में एक कार्यक्रम में उन्होंने खेल मंत्रालय के निर्णय की सराहना की और कहा कि वक्त पर डब्लयूएफआई कार्यकारिणी को बदलना सही था, लेकिन उन्होंने अपनी चचेरी बहन विनेश फोगाट के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने बताया कि वह समय पर अपना जवाब देंगी।
भाजपा नेत्री बबीता फौगाट ने दादरी में एक कार्यक्रम में शामिल होकर पत्रकारों से बात की, जहां उन्होंने खेल मंत्रालय के निर्णय का समर्थन किया और पहलवानों को न्याय मिलेगा यह दावा किया। उन्होंने खेल मंत्रालय को समय-समय पर संघर्षों को देखने का सुनिश्चित करने का कार्य कर रहा है और डब्लयूएफआई का बंदोबस्त करना सही कदम माना। साक्षी मलिक के संन्यास के बाद पहलवान बजरंग पूनिया ने पद्मश्री वापस कर दी थी। इसके बाद खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ की कार्यकारिणी को रद्द कर दिया था। बबीता की चचेरी बहन विनेश फोगाट ने इस बीच एक ट्वीट करके ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड वापस लेने का एलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि साक्षी और बजरंग ने जो निर्णय लिया है, उसी के अनुसार वह भी अपना निर्णय लेंगी।

विवाद के बीच बजरंग पूनिया ने पद्मश्री वापस लेने का निर्णय किया था, जिससे खेल मंत्रालय ने संघ की कार्यकारिणी को रद्द कर दिया था। इस बगावती माहौल में बबीता फौगाट ने स्पष्ट रूप से खेल मंत्रालय का समर्थन किया और यह दावा किया कि सही समय पर सही निर्णय आना चाहिए। उन्होंने अपने जवाब को समय पर प्रदान करने का आश्वासन दिया, जबकि उनकी चचेरी बहन विनेश फोगाट ने भी अपनी दिशा में कदम बढ़ाने का इरादा किया है।

