भिवानी जिले के गांव बड़ेसरा में बहुचर्चित बलजीत और भलेराम हत्याकांड में न्यायालय ने 18 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 14 अगस्त को इन सभी 18 लोगों को दोषी करार दिया था। जिले का ये हत्याकांड 2017 में महिला सरपंच की आरटीआई लगाए जाने को लेकर शुरु हुआ था। इस प्रकरण में अब तक छह लोगों की हत्या हो चुकी है।
क्या था मामला
भिवानी जिले के गांव बड़ेसरा निवासी बलजीत ने 2017 में गांव की सरपंच सुदेश के खिलाफ आरटीआई लगाई थी। उसमें सुदेश की दसवीं कक्षा की मार्कशीट फर्जी पाई गई थी। जब से दोनों पक्षों में रंजिश हो गई थी। उसके बाद बलजीत और उसके परिवार के पांच लोगों की हत्या की जा चुकी है। 2017 में बलजीत, उसके चाचा भलेराम और ताऊ महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद अक्तूबर 2019 में पूर्व सरपंच पवन की भी हत्या कर दी गई थी।
2020 में हुआ था तिहरा हत्याकांड़
2020 में हुए तिहरे हत्याकांड में मृतक बलजीत का ताऊ की घर के सामने ही तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा परिवार के कई लोगों पर जानलेवा हमला हो चुका था। वहीं बबलू पक्ष के 50 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में मास्टर अजीत उर्फ बालिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हत्याकांड के अलावा कई लोगों पर भी जानलेवा हमले हो चुके हैं।

