हरियाणा की धरती ने एक बार फिर मुक्केबाजी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भिवानी की रहने वाली महिला मुक्केबाज नुपूर श्योराण ने कजाकिस्तान में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में 80 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह प्रतियोगिता 30 जून से 6 जुलाई के बीच आयोजित की गई थी। स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब नुपूर अपने घर भिवानी लौटीं, तो उनका रोहतक गेट से भगत सिंह चौक तक भव्य स्वागत किया गया। खेल प्रेमियों ने उन्हें एक विजयी जुलूस के रूप में ससम्मान घर तक पहुंचाया।
नुपूर श्योराण कोई साधारण खिलाड़ी नहीं हैं। वे भारत के दिग्गज मुक्केबाज कैप्टन हवा सिंह की पौत्री हैं। इस तरह नुपूर बॉक्सिंग की तीसरी पीढ़ी हैं, जो देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिला रही हैं। नुपूर ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने पिता और कोच संजय श्योराण को दिया है। उन्होंने बताया कि फाइनल मुकाबले में उन्होंने कजाकिस्तान की मजबूत मुक्केबाज को हराकर यह गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
मीडिया से बातचीत करते हुए नुपूर ने कहा कि उन्हें मुक्केबाजी की प्रेरणा बचपन से ही अपने दादाजी से मिली। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य कॉमनवेल्थ वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक खेलों की ओर है, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उनके कोच संजय श्योराण, जो खुद भीम अवॉर्डी हैं, ने बताया कि वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में उनकी अकादमी की दो महिला खिलाड़ियों – नुपूर श्योराण और पूजा बोहरा – ने शानदार प्रदर्शन किया। जहां नुपूर ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं पूजा को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उनकी अकादमी की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन की भी सराहना की और उम्मीद जताई कि ऐसे ही समर्थन से और खिलाड़ी भी आगे निकलेंगे।