हरियाणा में आईएएस विजय दहिया के बाद एंटी क्रप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक और आईएएस को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है। हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन (HWHC) के एमडी आईएएस जयवीर आर्य समेत दो अन्य आरोपियों को पोस्टिंग दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये रिश्वत लेते काबू किया गया, जबकि दो अधिकारी मौके से फरार हो गए। देर रात पंचकूला स्थित एसीबी थाने में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया। रात में तीनों आरोपियों का मेडिकल कराया गया। इन्हें गुरुवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी आईएएस जयवीर आर्य को एसीबी ने पंचकूला से गिरफ्तार किया है। एमडी ने एक महिला मैनेजर से ट्रांसफर के लिए ये रिश्वत ली थी। इस मामले में बिचौलिए की भूमिका विभाग के एक जिला प्रबंधक (डीएम) ने निभाई थी। एमडी के पास रिश्वत की रकम पहुंचाने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस रिश्वत मामले में आईएएस जयवीर सिंह के अलावा मुनीष शर्मा और कॉन्फेड के जनरल मैनेजर राजेश बंसल के खिलाफ एसीबी ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में रिश्वत लिए जाने का केस दर्ज किया है। एसीबी ने तीनों के खिलाफ 7, 7A PC Act & 120B, 384 IPC धाराओं में केस पंचकूला में दर्ज किया गया है। एसीबी मामले की जांच में लगी है।

पोस्टिंग देने के नाम पर 5 लाख रुपये की थी मांग
बता दें कि हरियाणा वेयर हाउसिंग की डीएम को नजदीक के जिले में पोस्टिंग देने के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग की गई थी। बाद में 3 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। एसीबी करनाल की टीम ने पहले एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया। आरोपी ने बताया कि यह पैसा अन्य अधिकारियों के माध्यम से एमडी जयवीर सिंह आर्य के पास जाना है। एसीबी ने चेन बनाते हुए बुधवार शाम तक एक-एक करके तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि हाउसिंग कारपोरेशन के दो अन्य अधिकारियों के फरार होने की सूचना है। गिरफ्तार आरोपियों में आईएएस जयवीर आर्य, आर्य के स्टाफ का सदस्य और दलाल है। मामले में देर रात तक पंचकूला में जांच पड़ताल और कार्यवाही जारी रही। इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों और छापे मार टीम के मोबाइल नंबर बंद हैं। एसीबी की करनाल यूनिट के एक अधिकारी ने आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
महिला डीएम के पति ने दी थी एसीबी को शिकायत
वेयर हाउसिंग कारपोरेशन में महिला अधिकारी डीएम पद पर तैनात हैं। दलाल के माध्यम से महिला अधिकारी को दूर के जिलों में ट्रांसफर करने का भय दिखाया गया। बाद में नजदीक के जिलों में तैनाती के लिए महिला अधिकारी से 5 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। 3 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। जिस पर महिला अधिकारी ने मामले की जानकारी अपने पति को दी। महिला अधिकारी ने पति ने करनाल एसीबी के एसपी राजेश फोगाट से संपर्क किया। एसपी के निर्देश पर इंस्पेक्टर सचिन कुमार की अगुवाई में टीम तैयार की गई। जैसे ही महिला के पति ने दलाल को तीन लाख रुपये दिए एसीबी की टीम ने उसे धर दबोचा।

