अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा में विवाद हर दिन बढ़ता जा रहा है। सभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई और प्रधान देवेंद्र बूड़िया आमने-सामने की टक्कर में हो गए हैं। दोनों ने एक-दूसरे को उनके पदों से हटा दिया है। महासभा प्रधान देवेंद्र बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटा दिया है।
आज बिश्नोई समाज के धार्मिक स्थल मुकाम धाम पर एक बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें विधायक रणधीर पनिहार और कुलदीप बिश्नोई दोनों पर फैसला लिया जाएगा।
बेटे की इंटरकास्ट मैरिज बनी कुलदीप को पद से हटाने की वजह
सभा प्रधान ने पत्र भी जारी किया है। जिसमें लिखा है कि आपके बेटे ने अंतरजातीय विवाह किया है। इससे पूरे बिश्नोई समाज में भारी रोष है। ऐसे में आप इस पद पर नहीं रह सकते। इससे पहले अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई ने प्रधान देवेंद्र बूड़िया को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया था। उनकी जगह पर परसराम बिश्नोई को नया प्रधान घोषित किया गया था। कुलदीप बिश्नोई ने उन्हें समाज को तोड़ने वाला व्यक्ति बताया था।
प्रधान देवेंद्र बूड़िया ने कुलदीप के लेटर जारी करने के बाद फेसबुक पर लाइव आकर कहा कि संरक्षक को प्रधान को हटाने की पावर अब खत्म हो गई है। नियमानुसार अब कुलदीप बिश्नोई के इस लेटर का कोई मतलब नहीं है।
बता दें इससे पहले देवेंद्र बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई पर विधानसभा चुनाव में बेटे के चुनाव पर 10 करोड़ रुपए का चंदा एकत्रित करने और अपने दोस्त विधायक रणधीर पनिहार से किडनैप करवाने, अपना यशोगान करवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। देवेंद्र बूड़िया ने जोधपुर में बिश्नोई समाज के लोगों के बीच यह बातें रखी थी।
- कुलदीप बिश्नोई ने अपने X हैंडल पर पोस्ट कर देवेंद्र बूड़िया को हटाने की जानकारी दी। कुलदीप बिश्नोई ने पत्र में लिखा है कि “अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा सदैव गुरू जंभेश्वर भगवान के दिखाए आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाजसेवा की दिशा में अपने कर्तव्यों को पूरा करने का प्रयास करती आई है और हमेशा करती रहेगी। व्यक्ति, पद और निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर हम सबको मिलकर समाज की एकजुटता की दिशा में कार्य करते रहना है। नई परिस्थितियों को देखते हुए समाज के सभी प्रबुद्ध जनों से विचार विमर्श करने के बाद महासभा में प्रधान पद पर नई नियुक्ति की गई है। मुझे पूर्ण विश्वास है की परसराम बिश्नोई स्वर्गीय रामसिंह जी के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाते हुए महासभा को नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगे”।
- कुलदीप बिश्नोई ने मौजूदा प्रधान देवेंद्र बूड़िया को समाज को तोड़ने वाला व्यक्ति बताया। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि देवेंद्र बूड़िया द्वारा पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में काफी तथ्यहीन, झूठी एवं समाज को बांटने वाली बातें कही जा रही हैं, जिससे समाज में बिखराव व टकराव की संभावनाएं नजर आ रही हैं। मेरे पास निजी तौर पर भी समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों, साधु संतों एवं महासभा के पदाधिकारी व समाज के राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा काफी शिकायतें आ रही हैं। साथ ही साथ विभिन्न निर्माण कार्यों में टेंडर प्रक्रियाओं का पाल उनके द्वारा नहीं किया गया। समाज में एकता बनाए रखने, महासभा के पदाधिकारियों के प्रति विश्नास बना रहे, समाज में बंटवारा न हो और आपसी भाईचारा समाज में बना रहे इसलिए देवेंद्र बूड़िया को पद मुक्त कर रहा हूं।
- कुलदीप बिश्नोई ने 5 सदस्यीय कमेटी का गठन सुभाष देहड़ू की अध्यक्षता में किया। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि कमेटी का गठन कर रहा हूं जो पूरे मामले की जांच करके सारे तथ्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी तब तक इनके स्थान पर परसराम विश्नोई को अगले चुनाव तक अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का प्रधान नियुक्त करता हूं। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संविधान के अनुसार प्रधान एवं समस्त कार्यकारिणी के चुनाव के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। जल्द ही अगले दिनों में पदाधिकारियों व प्रधान पद के लिए चुनावों की रूपरेखा के लिए विधिवत घोषणा करूंगा।
जानिए क्या है विवाद की वजह-
देवेंद्र बूड़िया ने कहा- मेरे साथ बुरा बर्ताव किया गया। सोमवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर देवेंद्र बूड़िया ने कहा, “मुझे 2 दिन से रणधीर पनिहार दिल्ली बुला रहे हैं। मैं आज आया तो मेरे साथ ट्रैजेडी की और मेरे साथ बहुत ही बुरा बर्ताव किया।
ये सारी चीजें मैं समाज को बताउंगा। यह बहुत बड़ी घटना है और बहुत बड़ी मेरे साथ ट्रैजेडी हुई है। यह सब चीजें कैमरे में हैं। अब मैं आप लोगों को इतना ही बता पाऊंगा। मैं माफी चाहता हूं। कल मैं आपको सारी चीजें बता दूंगा। यह रणधीर पनिहार पता नहीं मुझसे क्या मांगता है।”
पनिहार ने कहा- बूड़िया मेरे दोस्त, ऐसा क्यों बोला, मुझे पता नहीं
वहीं अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के आरोपों पर विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसी कोई बात नहीं है। मनगढंत आरोपों का मैं क्या जवाब दूं। हां, मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई। बूड़िया साहब आज भी मेरे अच्छे दोस्त हैं और उनसे मेरी अकसर मुलाकात होती रहती है। सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐसा क्यों बोला मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैं आज चंडीगढ़ जा रहा हूं।
बिश्नोई संत बोले-रणधीर पनिहार को छोड़ेंगे नहीं
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के आरोपों पर बिश्नोई समाज के संत लालदास योग गुरु ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संत लालदास ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बुरा व्यवहार करने वाले को छोड़ेंगे नहीं। संत ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई के इशारे पर ही सब कुछ हुआ है।
कुलदीप बिश्नोई अध्यक्ष से करोड़ों रुपए की डिमांड कर रहे थे। वे इतने पैसे नहीं दे पा रहे तो उसे पद से हटाया जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया था। संत लालदास ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बहुत ही बड़ी घटना हुई है। रणधीर पनिहार के नाम वाले किसी व्यक्ति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के साथ निंदनीय घटना की है। वह कुलदीप बिश्नोई ने कराई है।
संत लालदास ने कहा- कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ कठोर फैसला लें
बिश्नोई संत लालदास योग गुरु ने कुलदीप बिश्नोई पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलदीप बिश्नोई राष्ट्रीय अध्यक्ष बूड़िया से करोड़ों रुपए मांगते हैं। कुलदीप कहते हैं कि करोड़ों रुपए दोगे तो अध्यक्ष रहोगे नहीं तो हटा देंगे। उनके पास करोड़ों रुपए नहीं थे, इसलिए उन्होंने लौटा दिया।
कुलदीप बिश्नोई कहते हैं कि मुझे और पैसे दोगे तो ही मैं आपको प्रधान रखूंगा, इसलिए आप इस्तीफा दो। इन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो प्रधान से बहुत बड़ी डिमांड की गई। मैं बिश्नोई समाज से निवेदन करना चाहता हूं कि आज देवेंद्र बूड़िया अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष हैं, कल को कोई और अध्यक्ष बन सकता है।
क्या कोई इस तरह की डिमांड करेगा। यह तो कुलदीप बिश्नोई का निजी व्यवसाय बन गया है। इसलिए अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा की कार्यकारिणी और बिश्नोई समाज को मिलकर कठोर फैसला लेना चाहिए, ताकि समाज की इज्जत रह सके।





