सोनीपत के कामी रोड पर शुगर मिल के सामने किसानों की 40 एकड़ से ज्यादा फसल गंदे पानी में डूब गई है। ड्रेन 6 की सफाई न होने और ओवरफ्लो होने के कारण खेतों में पानी भर गया है। किसानों का आरोप है प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहे है। खेतों में गंदा पानी जमा होने से पशुओं के लिए भी चारे की किल्लत हो गई है। किसानों का आरोप है कि खराब हुई फसल को लेकर भी प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलता और ना ही ड्रेन की सफाई के कार्य की तरफ ध्यान दिया जाता है। समाधान न होने के कारण किसानों ने ऐलान किया है कि रोड को जाम किया जाएगा।
सोनीपत के कामी रोड पर शुगर मिल के सामने किसानों की 40 एकड़ से ज्यादा फसल जिला प्रशासन की लापरवाही से जल मग्न हो गई है। किसानों के खेतों में ड्रेन नंबर 6 का गंदा पानी घुस गया और फसल तबाह कर दी। किसानों का कहना है कि हर बार गंदा पानी खेतों में घुस जाता है। आसन के दरवाजे पर कई बार शिकायत दी जा चुकी है। यहां तक की ग्रीवेंस की मीटिंग में भी कई बार मुद्दा उठा है और प्रशासन को निर्देश भी दिए गए थे कि किसानों की समस्या का समाधान करवाए जाए। लेकिन किसानों की समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

खेतों में भरा हुआ है गंदा और केमिकल युक्त पानी
गंदा और केमिकल युक्त पानी किसानों की खेती में चला गया है। जिसके चलते ना गेहूं की फसल हो पाएगी और वही किसानों का कहना है कि खेतो में जो भी फसल बोई जाती है वह बर्बाद हो जाती है। किसानों ने कुछ दिन पहले ही गेहूं की बिजाई की थी। अब ड्रेन नंबर 6 ओवर फ्लो होने के कारण सभी किसानों के खेत जल मग्न हो गए है। तीन से चार फीट पानी खेतों में जमा हो गया है। पशुओं के लिए चारे की किल्लत पैदा हो गई है।

कई बार करवा चुके है प्रशासन को अवगत
किसानों ने यह भी बताया है कि उनके खेत ट्रेन नंबर 6 से कई फुट ऊंचे हैं और बावजूद इसके उनके खेत हर साल जल मग्न हो जाते हैं और प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत भी कराया गया है। लेकिन प्रशासन है कि किसी भी प्रकार की कोई सुध नहीं लेता और हर बार की तरह उनकी खेती बर्बाद हो जाती है ना ही उनकी खेती को लेकर कोई मुआवजा मिलता है और ना ही प्रशासन कोई एक्शन लेता है। किसानों ने यह भी ऐलान किया है कि अगर प्रशासन द्वारा समाधान नहीं किया गया तो सड़क जाम करेंगे।

पिछले 7 साल से लगातार भर रहा है गंदा पानी
सूबेदार आनंद सिंह बताते हैं कि उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है और बोने खाने के लिए और कोई जमीन नहीं है और इसी जमीन पर पिछले 7 साल से लगातार गंदा पानी भर रहा है। प्रशासन के दरवाजे पर अपना दुखड़ा रोकर थक चुके है। अभी तक पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं हुआ है और वहीं उन्होंने कहा है कि अगर समय रहते हुए निकासी हो भी जाती है तो फसल खाने लायक नहीं होगी। यहाँ तक पशुओं को भी नहीं डाली जा सकती है। ऐसी फसल किसी काम की नहीं है और वहीं पशु के लिए भी चारे की की किल्लत हो रही है।
किसान ने बताया गेहूं,सरसों और जौ की खेती अब पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। पशुओं के लिए चारा खत्म हो चुका है। सुनीता ने कहा कि सभी के खेत गंदे पानी में डूबे हुए है। बिना फसल पैदा किए हुए खाने के लिए भी परेशानी उत्पन्न होगी। महिला ने कहा है कि रोड जाम किया जाएगा और उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।