Municipal Corporation Sonipat meeting

Financial Year 2024-2025 के लिए 550 Crore का बजट सर्वसम्मति से पास, Mayor Nikhil Madan की अध्यक्षता में हुई Municipal Corporation Sonipat की बैठक

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नगर निगम सोनीपत के सदन की बजट बैठक शनिवार को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के डीआरडीए हॉल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर निखिल मदान ने बताया कि वर्ष 2024-2025 के लिए नगर निगम का 550 करोड़ का वार्षिक बजट पास किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 516 करोड़ रु के बजट के मुकाबले 34 करोड़ रु बढ़ाया गया है।

वार्षिक बजट में सड़कों और गलियों को पक्का करने के लिए जहां 120 करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान किया गया है, वहीं सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 47 करोड़ रूपए की धनराशि आवंटित की गई है। इसके अलावा विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त तौर पर 34 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। पार्कों के रख रखाव और निर्माण के लिए 26 करोड़ रु और सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट्स, ट्रैफिक लाइट्स लगाने के लिए 28 करोड़ रु का बजट रखा गया है। निगम क्षेत्र में प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण हेतु 10 करोड़ रु गांवों में तालाबों के सफाई और सौंदर्यीकरण के लिए 10 करोड़ रु का बजट रखा गया है।

40 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स जुटाने का लक्ष्य

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निगम की संभावित आय में 40 करोड़ रूपए प्रॉपर्टी टैक्स से जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही स्टांप ड्यूटी से भी 40 करोड़ रूपए की आय जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बिजली विभाग पर निगम कर (म्युनिसिपल टैक्स) के तौर पर 14 करोड़ रूपए की आय होने का अनुमान है। अग्निशमन कर (फायर टैक्स )के जरिए 2 करोड़ रूपए, निगम की संपत्तियों को किराए पर देकर लगभग 2 करोड़ 40 लाख रुपए की आय जुटाने का प्रस्ताव रखा गया है। निगम द्वारा पानी और सीवरेज के शुल्क के तौर पर 5 करोड़ रुपए और विकास शुल्क ( डेवलपमेंट चार्ज) से 20 करोड़ रुपए की आय जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

निगम क्षेत्र में विज्ञापन शुल्क से 4 करोड़ रुपए की आय होने का लक्ष्य

इसके अतिरिक नगर निगम के बचत खातों से ब्याज के तौर पर 3 करोड़ रूपए की आय, वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज के तौर पर 12 करोड़ रूपए की आय होने का लक्ष्य रखा गया है। ईएमडी सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर 10 करोड़ रूपए और अन्य आय के स्त्रोत से 45 करोड़ रुपए की आय का अनुमान लगाया गया है। सरकारी ग्रांट के तौर पर सीएफसी (केंद्र सरकार) के 18 करोड़ रुपए और राज्य सरकार द्वारा (एसएफसी) के तौर पर 77 करोड़ की ग्रांट का प्रावधान आय में किया गया है। कुल मिलाकर 310 करोड़ 39 लाख रुपए की आय होने का लक्ष्य रखा गया है। सभी प्रस्तावों को सदन में सर्वसम्मति से पास किया गया।