हरियाणा के जिला अंबाला के मुलाना के गांव धनौरा बिंजलपुर में जहरीली शराब बनाने वाली अवैध फैक्टरी पर शनिवार को प्रशासन और पुलिस बल की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। मास्टर माइंड अंकित उर्फ मोगली द्वारा खरीदी गई फैक्टरी को पुलिस बल की निगरानी में बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है। इस दौरान बराड़ा डीएसपी अनिल कुमार, मुलाना के एसएचओ सुरेंद्र सिंह सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज पहले ही कह चुके हैं कि हरियाणा में नशा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला अंबाला और यमुनानगर की 2 एसआईटी जहरीली शराब मामले की जांच कर रही हैं। मामले में जिसकी भी संलिप्ता पाई जाएगी, उसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस की ओर से आज सबसे पहले अवैध फैक्टरी पर कार्रवाई शुरू की गई। बताया जा रहा है कि इस फैक्टरी को एक आरोपी से शराब बनाने वाले मास्टर माइंड अंकित उर्फ मोगली ने खरीदा था। इसके बाद 6 नवंबर को यहां अवैध शराब बनाकर 8 नवंबर से पहले पहली खेप की सप्लाई की गई थी। पुलिस ने फैक्टरी में शराब बनाने का केमिकल, आरओ मशीन, इथेनॉल के ड्रम और शराब की खाली बोतलों को भी बरामद किया था।
पुलिस अधीक्षक ने उठाया फैक्टरी के राज का पर्दा
पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा के अनुसार गांव धनौरा-बिंजलपुर के लिंक रोड पर फैक्टरी बनाई गई है। यहां पहले केमिकल बनाने का काम किया जाता था, लेकिन काफी समय से फैक्टरी बंद रही। मास्टरमाइंड ने इस फैक्टरी को इसलिए चुना, क्योंकि यहां आसपास लगते खेतों में मालिकों के अलावा कोई नहीं आता-जाता है। गैंगस्टर मोनू राणा ने ही धनौरा के फैक्टरी मालिक उत्तम और पुनीत से मास्टरमाइंड अंकित उर्फ मोगली को यह फैक्टरी दिलवाई थी। उत्तम ने अंकित को अपने खेत में बनी फैक्टरी को किराए पर दिया था। फैक्टरी के चारों तरफ गन्ने के खेत खड़े हैं। जिसमें से आसानी से भागा जा सकता था। यही कारण रहा था कि जब यमुनानगर में लोगों की मौत होने लगी तो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कुछ सामान गन्ने के खेत में भी छिपाने का प्रयास किया था।

उत्तर प्रदेश के थे मजदूर, 10 इथेनॉल के ड्रमों की कीमत 10 लाख
बताया जा रहा है कि अवैध फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों को उत्तर प्रदेश से लाया जाता था। उत्तर प्रदेश के शेखर का अंकित से संपर्क था, इसलिए वह मजदूरों को वहां से हरियाणा में लाया था। पुलिस 13 नवंबर को मास्टरमाइंड अंकित उर्फ मोगली, सहारनपुर के सौरभ और सप्लायर प्रिंस वालिया को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी अंकित पहले ही शराब बनाने का काम करता था।
पुलिस ने पूछताछ के बाद खुलाया किया है कि शराब बनाने के लिए करनाल निवासी रमन उर्फ दीपा ने इथेनॉल की सप्लाई की थी। अंकित ने 2 लाख रुपये में करनाल की एक फैक्टरी के मालिक अंकुश गर्ग से 200-200 लीटर के 10 ड्रम इथेनॉल के खरीदे थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी दीपा और अंकित को जांच के लिए दोबारा कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
आरोपियों की संपत्ति का मूल्यांकन करवा रही पुलिस
जानकारी अनुसार पुलिस आरोपियों की प्रॉपर्टी का भी मूल्यांकन करवा रही है। मुख्य आरोपियों की प्रॉपर्टी अटैच करने की कार्रवाई को भी शुरू कर दिया गया है। इससे पहले मास्टरमाइंड अंकित उर्फ मोगली के नशे की तस्करी की थी। इसको लेकर पुलिस उसकी संपत्ति का आंकलन कर रही थी। मगर उसने अपनी संपत्ति रिश्तेदारों व अन्य लोगों के नाम करा रखी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।