कांग्रेस पार्टी के नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने अपने बड़े पद से इस्तीफा देने की बात कही है और उनकी इच्छा है कि वे गुरुग्राम से लोकसभा चुनाव में भाग लें। जिसका मुख्य कारण उनकी कांग्रेस में ओबीसी सेल के राष्ट्रीय चेयरमैन बनाए जाने की असमानता है और प्रदेश इलेक्शन कमेटी में पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का आरोप लगाया।
कांग्रेस पार्टी के नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि उन्हें अनदेखी का अहसास हो रहा है और प्रदेश इलेक्शन कमेटी का गठन ठीक नहीं हुआ है। उनका दावा है कि प्रदेश इलेक्शन कमेटी ने चुनाव लड़ने वाले इच्छुक नेताओं से एप्लिकेशन मांगा है, लेकिन उसमें पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। जिस पर उन्होंने अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें अब घुटन महसूस हो रही है। कैप्टन यादव ने कहा कि प्रदेश इलेक्शन कमेटी ने चुनाव लड़ने वाले इच्छुक नेताओं से एप्लिकेशन मांगी है, लेकिन इसमें पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उन्होंने इसे आपत्ति के रूप में उठाते हुए कहा कि इससे उन्हें घुटन महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को लेकर मुझसे राय नहीं ली गई है और प्रदेश इलेक्शन कमेटी ने ठीक तरीके से काम नहीं किया है। उन्होंने उसके बावजूद चेयरमैन को शामिल नहीं किया और ओबीसी के दूसरे लोगों को शामिल कर लिया है, जिससे उन्हें आहत है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मुद्दे पर की आलोचना
कैप्टन अजय यादव ने बताया कि वह गुरुग्राम से लोकसभा चुनाव में भाग लेने की इच्छा रखते हैं, लेकिन गुरुग्राम सीट पर अन्य नेताओं की दावेदारी उन्हें अकेले ही छोड़ रही है। उनका कहना है कि वह पार्टी के साथ हैं, लेकिन प्रदेश इलेक्शन कमेटी की तरह उसमें भी ओबीसी को ठीक से शामिल करना चाहिए। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ तात्पर्यिक रूप से इस मुद्दे पर आलोचना की है और कहा कि उसने इसमें ओबीसी के चेयरमैन को शामिल करने की सुझाव दी थी, लेकिन उसका ध्यान नहीं रखा गया।

1 लाख रुपए का ड्राफ्ट होगा जमा करना
गुरुग्राम सीट पर चर्चा में आने वाले और कांग्रेस के विधायक रहे राव दान सिंह को लेकर कैप्टन ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दान सिंह की हैसियत ही नहीं है कि वह चुनाव लड़ें और उन्हें देखकर ही पता चलेगा कि कौन अच्छे कैंडिडेट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अगर लोकसभा चुनाव में भाग लेगी, तो उन्हें बदले बिना एप्लिकेशन नहीं मिलेगा और सिर्फ 10 सीटों के लिए इसमें एप्लिकेशन देने की शर्त के साथ 1 लाख रुपए का ड्राफ्ट जमा करना होगा, जो रिफंडेबल नहीं होगा।
संगठन को तैयार करना जरूरी
कैप्टन यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी आलोचना की और कहा कि उन्होंने 6 महीने पहले कहा था कि 1 महीने में संगठन बनाओ, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने संगठन बनाने की चुनौती दी और कहा कि वह एक महीने में संगठन बना सकते हैं और जिसमें जिला अध्यक्ष तक बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त समय हो चुका है और संगठन को तैयार करना जरूरी है।
पार्टी की अंदरूनी दरारें आ रही सामने
कैप्टन अजय सिंह यादव की इन बातों से साफ है कि उन्हें पार्टी की तरफ से न्याय का आभास नहीं हो रहा है और उन्हें अपनी आपत्तियां हैं। उनकी आपत्तियों का सामाजिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में महत्व है, क्योंकि यह पार्टी की अंदरूनी दरारों को दर्शाता है। इस विवाद का समाधान कैसे होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।