हरियाणा में मौसम में बदलाव के कारण अब सुबह घने कोहरे की चादर छाने लगी है। लगातार बदल रहे मौसम में लापरवाही भी शरीर पर भारी पड़ सकती है। बढ़ती सर्दी के साथ अस्थमा, खांसी, जुखाम और बीपी जैसी बीमारियां बढ़ना आम बात है। ऐसे में चिकित्सकों ने बदलते मौसम में बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए कुछ विशेष हिदायतें भी दी गई हैं।
यमुनानगर के रादौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. विजय परमार का कहना है कि जिस प्रकार मौसम लगातार करवट ले रहा है। इसको लेकर सभी को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विशेषकर सर्दी के मौसम में बच्चों, बुजुर्गो व किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपने खानपान से लेकर दिनचर्या में मौसम के अनुसार बदलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस वक्त अस्पताल में ज्यादातर ठंड लगने से संबंधित बीमारियों के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। सर्दी के साथ स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की ओपीडी भी बढ़ती जा रही है। डॉ. विजय परमार का कहना है कि ऐसे मौसम में अस्थमा के मरीजों को सुबह के समय सैर करने से परहेज करना चाहिए। उन्हें दोपहर को धूप के समय में ही सैर ठीक रहेगा।

एसएमओ डॉ. विजय परमार का कहना है कि प्रदेश में कोहरे के साथ-साथ अब हलका पाला भी पड़ना शुरू हो गया है। जिससे आगामी दिनों में और अधिक ठंड बढ़ने के आसार है। मौसम में लगातार आ रहे परिवर्तन से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते कुछ दिनों से अचानक से वायरल इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि शरीर की इम्युनिटी कमजोर होने पर वायरल इन्फेक्शन होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इस मौसम में अस्थमा के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे में बच्चों के साथ खुद के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

डॉ. परमार का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बीमारियों का सबसे ज्यादा असर बच्चों में देखा जा सकता है। इन दिनों 10 में से 3 बच्चों को सर्दी, जुकाम या वायरल बुखार की समस्या होने से यह निमोनिया में भी बदल सकती है। सामान्य तौर पर लोग सर्दी में खांसी और जुखाम की समस्या होने पर घर पर ही इलाज करते हैं, लेकिन यह समस्या ज्यादा लंबे समय तक बनी रहती है तो फेफड़ों का संक्रमण बढ़ सकता है। ऐसे में कई बार मरीज को अस्पताल में भर्ती करने तक की नौबत आ जाती है। यदि खांसी के दौरान पीला बलगम आ रहा तो बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतना चाहिए। वायरल इन्फेक्शन के कारण आपका अस्थमा बिगड़ रहा है तो तत्काल आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
