Arvind Kejriwal targets Haryana CM

AAP राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने Haryana CM पर साधा निशाना, शिक्षा सभी का अधिकार, मुफ्त और उत्तम होनी चाहिए

पंचकुला राजनीति हरियाणा

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार तक के परिवारों की बेटियों को कॉलेज में मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी का अधिकार होना चाहिए और यह मुफ्त और उत्तम होनी चाहिए। उनके अनुसार हर बच्चे को उत्कृष्ट और मुफ्त शिक्षा का अधिकार होता है।

वहीं हरियाणा के राज्यसभा सांसद डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री खट्टर ने आप और केजरीवाल की लोकप्रियता से डर कर इस घोषणा को किया है। दिल्ली में हुई शिक्षा क्रांति को देखते हुए हरियाणा की जनता भी फ्री शिक्षा की मांग कर रही है। गुप्ता ने खट्टर को निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 9 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नहीं किया है। हरियाणा में सरकारी स्कूलों की हालत बेहद खराब है, जहां पीने का पानी, बिजली कनेक्शन और शौचालयों की सुविधा में कमी है। इसके साथ ही शिक्षकों की कमी और कक्षाओं की भी बात की।

शिक्षा को दायरे में बांधा नहीं जाना चाहिए : अनुराग ढांडा

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सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने भी खट्टर पर निशाना साधते हुए कहा कि फ्री शिक्षा सभी का अधिकार है और इसे दायरे में बांधा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने भी यह बात जताई कि गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का हक होता है। आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर खट्टर की सरकार पर हमला किया और उन्हें उनके 9 सालों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कुछ करने का आरोप लगाया। वे यह भी दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार में सभी को मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं।

सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक कदम नहीं उठाए : गुप्ता

गुप्ता ने यह भी कहा कि हरियाणा की जनता ने पिछले 25 सालों में कांग्रेस और अंतिम 9 सालों में भाजपा को मौका दिया है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। इस तरह हरियाणा में शिक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक बहस गरमाई जा रही है, जहां एक ओर से आप के नेताओं ने मुफ्त और उत्कृष्ट शिक्षा की मांग की है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा की वर्तमान सरकार पर निशाना साधा जा रहा है कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं।