Chandigarh पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश का शिक्षा तंत्र खराब होने का आरोप लगाया है। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 28 प्राथमिक स्कूलों में एक भी छात्र नहीं है। 262 स्कूल ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या केवल 1 से 10 है। 520 स्कूलों में 11 से 20 विद्यार्थी हैं। मिडिल और हाई स्कूलों की हालत भी कोई बेहतर नहीं है। शिक्षा की बदहाली के चलते प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस साल 27,000 कम दाखिले हुए हैं।
एक बयान में हुड्डा ने कहा कि सिरसा के कालांवली में एक स्कूल में 96 छात्राओं के लिए केवल एक गेस्ट टीचर की नियुक्ति की गई है। यही टीचर पढ़ाई से लेकर स्कूल का रिकॉर्ड संभालने, मिड डे मील तैयार कराने और अन्य कामों की जिम्मेदारी उठाने को मजबूर है। यह स्थिति सिर्फ कालांवली तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशभर में यही हाल है।
पूर्व सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के शिक्षा विभाग में करीब 50,000 पद खाली हैं। पिछले 10 सालों में जेबीटी शिक्षकों की एक भी भर्ती नहीं की गई। कॉलेजों में भी 4,738 सहायक प्रोफेसर के पद खाली हैं। यह साफ करता है कि बीजेपी सरकार शिक्षा क्षेत्र को लेकर कितनी उदासीन है।
कांग्रेस शासन में थी बेहतर व्यवस्था
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य में 12 नए सरकारी विश्वविद्यालय, 154 पॉलिटेक्निक कॉलेज, 56 आईटीआई और 4 इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए गए थे। आईआईएम, आईआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भी प्रदेश में खोले गए थे।







