Haryana में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। राज्य सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में भरोसा दिलाया है कि 4 जनवरी से पहले चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 4 फरवरी तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
हाई कोर्ट में सरकार का जवाब
सरकार ने सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को जानकारी दी कि स्थानीय निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। यह जवाब एक याचिका के संदर्भ में दिया गया, जिसमें नगर निकाय चुनाव कराने के निर्देश मांगे गए थे। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के आश्वासन के आधार पर याचिकाकर्ता को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस याचिका में उठाए गए मुद्दों को भविष्य में उचित चरण पर दोबारा उठाया जा सकता है।
किन क्षेत्रों में होंगे चुनाव?
हरियाणा के कई महत्वपूर्ण नगर निकायों के चुनाव लंबित हैं। इनमें गुरुग्राम, करनाल, हिसार, फरीदाबाद, रोहतक, और यमुनानगर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, गुरुग्राम नगर निगम के आखिरी चुनाव 2017 में हुए थे, और पार्षदों व मेयर का कार्यकाल 2022 में समाप्त हो गया।
चुनाव में देरी का कारण
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि नियमों के अनुसार चुनाव 6 महीने के भीतर हो जाने चाहिए थे। हालांकि, परिसीमन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इसमें देरी हुई। वकील ने यह भी दलील दी कि अगर परिसीमन पूरी नहीं हुई है, तो मौजूदा परिसीमन के आधार पर ही चुनाव कराए जा सकते हैं।
सरकार की योजना
सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी लंबित निकाय चुनाव 4 फरवरी तक संपन्न हो जाएंगे। राज्य के प्रमुख नगर निगमों में लंबे समय से चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों के लिए यह खबर राहत भरी है। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावों में देरी के बावजूद सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समय पर प्रक्रिया को अंजाम दे।





