राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबियों की 3 राज्यों में फॉर्च्यूनर कार सहित 4 संपत्तियों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए या आतंकियों को छिपाने के लिए किया गया था।
निर्देशित कुर्क में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां शामिल हैं। मामला विकास सिंह से जुड़ी हुई एक प्रॉपर्टी को भी शामिल करता है, जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में है। दूसरी संपत्तियां पंजाब के बिशनपुरा और फाजिल्का में हैं, जो दलीप कुमार भोला उर्फ दलीप बिश्नोई से जुड़ी हैं। साथ ही जोगिंद्र सिंह जो हरियाणा के यमुनानगर के निवासी हैं, कि नाम पर एक फॉर्च्यूनर कार भी कुर्क की गई। फाजिल्का में लॉरेंस के करीबी की प्रॉपर्टी को अटैच करने के बारे में एनआईए की टीम ने नोटिस लगाया। इस नोटिस के तहत बिश्नोई के करीबी लोगों का नाम सामने आया।

पंजाब पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले में आरोपियों को छुपाया
एनआईए की जांच के अनुसार विकास सिंह लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी है और उसने पंजाब पुलिस मुख्यालय पर हुए हमले में शामिल आरोपियों को छुपाया था। जोगिंदर सिंह गैंगस्टर काला राणा के पिता है और वह भी लॉरेंस बिश्नोई का साथी रहा है। जोगिंद्र सिंह ने हथियारों और गोला-बारूद को उपलब्ध करवाने के लिए अपनी फॉर्च्यूनर कार का इस्तेमाल किया था। आरोपी दलीप कुमार की संपत्ति का उपयोग हथियारों को संग्रहित और छिपाने में किया गया था।
सहयोगियों के खिलाफ यूएपीए के तहत किया था मामला दर्ज
एनआईए ने अगस्त 2022 में लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। जांच से पता चला कि गिरोह ने देशभर में अपने अपराधिक नेटवर्क को फैलाया था। इस नेटवर्क में कई गंभीर अपराधों के मामले शामिल थे, जैसे कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या और धार्मिक नेता प्रदीप कुमार के वारदात। एनआईए की जांच से यह भी पता चला है कि इनमें से कई आतंकी वारदातों की साजिश पाकिस्तान, कनाडा और अन्य विदेशों से या भारत की अलग-अलग जेलों से संचालित आतंकी सिंडिकेट के नेताओं द्वारा की गई थी।

