चंडीगढ़ पुलिस ने पिछले साल कैमरा का इस्तेमाल करके 410 अपराधियों को पकड़ा है, जिनमें वाहन चोरी, स्नैचिंग और लूटपाट शामिल थे। इन अपराधियों की पहचान में स्मार्ट सिटी के कैमरे का सहारा लिया गया है, जिसका कंट्रोल एंड कमांड सेंटर सेक्टर 17 में स्थित है। यहां पुलिस को रियल टाइम अपडेट मिलता है।
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि होम मिनिस्टर ने 25 नई पीसीआर गाड़ियों की शुरुआत की है। इन गाड़ियों के साथ, चंडीगढ़ में कंट्रोल रूम में फोन आने पर पुलिस 4 मिनट के अंदर पीड़ित व्यक्ति के पास पहुंच जाती है। जिसके लिए पीसीआर या बीटबॉक्सिंग गाड़ी तैयार रहती है, ताकि सहायता समय पर मिल सके।

इस समय चल रही मुहिम में, पुलिस ने पिछले साल 338 भगोड़े आरोपियों को पकड़ा है, जो पिछले साल के आंकड़ों से दोगुने हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मुहिम के लिए 13 नए फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को हायर किया हैं, जो हर अपराध की फोरेंसिक जांच कर रहे हैं। इसका उद्देश्य है कि किसी भी हालत में अपराधियों को बचाया न जाए।