हरियाणा के चरखी दादरी में एंटी करप्शन ब्यूरो और गुप्तचर विभाग रोहतक की संयुक्त टीम ने उपमंडल वन अधिकारी को उसके आवास से 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उपमंडल वन अधिकारी दलीप सिंह एक ठेकेदार से पेंडिंग अमाउंट दिलाने, ब्लैक लिस्ट से हटाने और उस पर लगे केस को रफा-दफा करने की एवज में रिश्वत की डिमांड कर रहे थे।
टीम ने बताया कि बुधवार को दोपहर करीब 11 बजे ठेकेदार संदीप डीएफओ दलीप सिंह से दादरी स्थित वन विभाग कार्यालय में मिले और 3 लाख रुपए देने की बात कही। इसके बाद डीएफओ वहां से उठकर नजदीक अपने निवास में चले गए। रिश्वत के रूप में 3 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद संदीप के इशारे पर टीम आवास के अंदर पहुंच गई और आरोपी को अरेस्ट कर लिया।
1.22 करोड़ का दिया गया था ठेका
वन विभाग की ओर से वर्ष 2021-22 में नांधा निवासी ठेकेदार संदीप को 1.22 करोड़ का ठेका दिया गया था। इसके तहत अरावली पर्वत पर खुले पड़े पत्थरों की दीवार बनाना, पौधे लगाना, पंचायती, नहरी भूमि पर पौधे लगाना इत्यादि कामों को शामिल किया गया था। संदीप ने बताया कि वन अधिकारी दलीप सिंह ने उनसे इनमे से कोई भी काम नहीं करवाए और 5 अगस्त 2022 को ब्लैक लिस्ट कर दिया। साथ ही उसकी पेमेंट रोक ली। अधिकारियों पर पेमेंट देने का दबाव आया तो उसके खाते में 27 लाख रुपए की पेमेंट कर दी और 3 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की।

