सरकार के मिशन इंद्रधनुष के दौरान जिले का स्वास्थ्य विभाग तेजी से अपना काम कर रहा है। तीन दिन के अंदर विभाग ने 83.63 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। कार्यक्रम के पहले चरण में 6 दिनों के अंदर जिले में कुल 1515 गर्भवती महिलाएं और बच्चों का टीकाकरण किया जाना है जबकि अब तक विभाग 1267 को कवर कर चुका है।
बीमारियों से बचाने के लिए हो रहा टीकाकरण
गर्भवती महिलाओं और 5 साल तक के बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मिशन इंद्रधनुष के तहत विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। सोमवार को सिविल अस्पताल में एडीसी डॉ. जयेंद्र सिंह ने इसका शुभारंभ किया था।
- पहले ही दिन विभाग ने 302 बच्चों और 54 गर्भवती महिलाओं को कवर कर 24.45 फीसदी लक्ष्य हासिल किया।
- दूसरे दिन विभाग ने दो साल तक की उम्र के 121, दो से पांच साल तक की उम्र के 33 बच्चों समेत 43 गर्भवती महिलाओं को कवर किया।
- तीसरे दिन की स्थिति देखें तो विभाग ने दो साल तक के 426 और दो से पांच साल के 101 बच्चों समेत 167 गर्भवती महिलाओं को कवर कर 83.63 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया।
क्या है मिशन इंद्रधनुष
प्रधानमंत्री मिशन इंद्रधनुष अभियान का शुभारंभ 25 दिसम्बर 2014 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया था। इस योजना को जे पी नड्डा द्वारा लॉन्च किया गया था। मिशन इंद्रधनुष का मुख्य उद्देश्य उन बच्चो को टीकाकरण करना हैं, जिन बच्चों को टीके नहीं लगे हैं और इस योजना को 2023 तक पूरा करना है।
इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाला मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य उन बच्चों का टीकाकरण करना है जिन्हें टीके नहीं लगे हैं या डिफ्थेरिया, बलगम, टिटनस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी रोकने जैसे सात टीके आंशिक रूप से लगे हैं।

