चरखी दादरी पुलिस एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रेम विवाह करने वाले दंपति को गोली मारने के मामले में आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस पर संगीन आरोप लगाए गए है। आरोपियों के परिजनों ने पुलिस पर 10 लाख रुपए लेने और फर्जी एनकांउटर करने के आरोप लगाए। उन्होंने अधिवक्ता संजीव तक्षक की अगुवाई में एसपी से मिलकर फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप लगाते हुए मामले में उच्च स्तरीय जांच के साथ दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
कार्रवाई की मांग को परिजन लघु सचिवालय में धरने पर बैठ गए। उधर एसपी ने जांच की बात कही। डीएसपी सुभाष चंद ने दो पुलिस कर्मियों को संस्पेड करने की जानकारी दी। परिजन संजय पिलाना और संजय साहू ने संयुक्त रुप से बताया कि पुलिस ने समझौता करवाने के नाम पर 10 लाख रुपए लिए थे।वहीं अधिवक्ता संजीव तक्षक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जांच बंद करने के नाम पर उनसे दस लाख रुपेय लिए है। उन्होंने एसपी को भी पूरे मामले से अवगत करावाया है और जांच की मांग की है।
एसपी नितिका गहलोत ने बात करने से किया मना
उधर मामले को लेकर एसपी नितिका गहलोत से बात की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से मना कर दिया और सिर्फ इतना कहा कि मामले की जांच डीएसपी को सौंपी गई है। जांच अधिकारी डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि तत्कालीन सीआईए इंचार्ज बलवान सिंह और एएसआई मंजीत ढाका को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं मामले की वे स्वयं जांच करेंगे अगर कोई दोषी मिला तो कार्रवाई की जाएगी।

ये है पूरा मामला
पिछले साल मई माह में चरखी दादरी जिले के गांव उण निवासी युवक ने पड़ोस के गांव पिलाना रोहतक जिला निवासी युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। जिसके बाद नवंबर माह में दोनों पर फायरिंग हुई जिसमें दोनों को गोली लगी थी। इस मामले में बौंद कलां थाना पुलिस ने युवती के पिता सहित कई लोगों पर केस दर्ज किया था। वारदात के एक हफ्ते बाद 18 नंवबर को सीआईए पुलिस की मुठभेड़ में रोहतक जिला के गांव पिलाना आरोपी सोनू के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने भी दावा किया था कि सबूत मिटाने गए आरोपियों के साथ मुठभेड़ हुई थी।
एसपी को सौंपी शिकायत
वहीं आरोपियों के परिजनों ने अधिवक्ता संजीव तक्षक की अगुवाई में दादरी एसपी नितिका गहलोत से मुलाकात करते हुए शिकायत सौंपी है। शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने तीन आरोपियों को पुलिस के हवाले किया था। लेकिन पुलिस ने रात को खेतों में ले जाकर सोनू पिलाना की आंखों पर पट्टी बांधकर पैर में गोली मारते हुए फर्जी एमकांउटर किया। इस मामले में दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। एसपी की ओर से कोई ठोस आश्वासन ने मिलने पर आरोपी पक्ष के लोगों ने दादरी के लघु सचिवालय परिसर में धरना शुरु कर दिया।