Badhra राज्यसभा सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री किरण चौधरी ने जनता की समस्याओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता पर कड़ा रुख अपनाया। गांव जगरामबास में आयोजित ग्रामीण जनसभा के दौरान उन्होंने गलियों में गंदे पानी की समस्या का समाधान कराने के लिए एसडीएम सुरेश कुमार को फोन से बात करवाने का प्रयास किया। हालांकि, उनके बार-बार फोन करने के बावजूद एसडीएम ने कॉल नहीं उठाई।
इससे नाराज किरण चौधरी जनसभा स्थल से सीधे बाढड़ा उपमंडल कार्यालय पहुंच गईं और एसडीएम से स्पष्टीकरण मांगा। एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि वह कोर्ट में व्यस्त थे। इस पर चौधरी ने उनसे कोर्ट में मौजूद वकीलों और फरियादियों की स्थिति के बारे में पूछा, जिस पर एसडीएम ने बताया कि वे सब लौट चुके हैं।

एसडीएम के इस जवाब पर किरण चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनता के सेवक होने के नाते अधिकारियों का दायित्व है कि वे जनता और पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं पर ध्यान दें। फोन न उठाना और झूठे आश्वासन देना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ा बजट आवंटित होने के बावजूद योजनाओं का सही ढंग से संचालन नहीं हो रहा है।







