पानीपत के गांव डाहर में एक मजदूर परिवार को विदेश भेजने का सपना दिखाकर 18.5 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपी ने परिवार को न्यूजीलैंड भेजने का वादा किया था, लेकिन उनके बेटों को आर्मेनिया भेज दिया। जब वहां आई-कार्ड नहीं बना तो दोनों को वापस लौटना पड़ा।
डाहर निवासी पीड़िता सुनीता देवी के अनुसार, उनके बेटे प्रवेश कुमार ने 2022 में 12वीं पास की थी। इसी दौरान करनाल के गांव खानपुर निवासी संजय कुमार उनके घर आया और बेटे को न्यूजीलैंड भेजने की पेशकश की। उसने भरोसा दिलाया कि वहां सालाना 50 लाख रुपये की कमाई होगी।
संजय ने दो लोगों को न्यूजीलैंड भेजने के बदले 20 लाख रुपये की मांग की। परिवार ने 17 अगस्त 2022 को 11 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर किए और 3.5 लाख रुपये नकद दिए। लेकिन ठग ने उनके बेटों को न्यूजीलैंड की बजाय आर्मेनिया भेज दिया।
आर्मेनिया में नहीं मिला काम, दोनों को लौटना पड़ा
आर्मेनिया पहुंचने के बाद उनके बेटों को पता चला कि वहां उनकी आईडी नहीं बन रही है। इस कारण एक को पहले वापस बुला लिया गया और बाद में दूसरे को भी लौटना पड़ा।
पैसे मांगने पर धमकाने लगा ठग
जब परिवार ने संजय कुमार से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने टालमटोल करना शुरू कर दिया। अब वह पूरी तरह से पैसे लौटाने से इनकार कर रहा है। मजबूर होकर पीड़िता ने इसराना थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।