हरियाणा में बिजली विभाग में भ्रष्टाचार की आशंका के बीच मंगलवार को फतेहाबाद जिले के भूना स्थित बिजली निगम के एस डिवीजन कार्यालय में सीएम फ्लाइंग टीम ने छापा मारा। यह कार्रवाई प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से सीएम फ्लाइंग को भेजे गए पत्र के बाद शुरू हुई। विज ने अपने ही तीन विभागों — ऊर्जा, परिवहन, और आरटीए — में भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों के चलते छानबीन का आदेश दिया था।
इंस्पेक्टर सुनैना के नेतृत्व में हिसार से आई सीएम फ्लाइंग टीम ने एसडीओ अमित सिंह समेत अन्य कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की। टीम द्वारा कार्यालय में दस्तावेजों की जांच की गई और संबंधित फाइलों को खंगाला गया। इस रेड से विभाग में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भूना की एक कॉलोनी में 11 हजार केवी की बिजली लाइन के स्थानांतरण को लेकर दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है। आरोप है कि इस लाइन को जानबूझकर आबादी क्षेत्र के बीच से निकाला गया ताकि वहां की जमीनों का दाम बढ़ाया जा सके। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए हैं कि यह काम कुछ प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने के इरादे से किया गया और बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ।
बिजली मंत्री अनिल विज ने पहले ही साफ किया था कि उन्हें दोनों विभागों में — खासकर ट्रांसफर-पोस्टिंग और जनसंपर्क वाले पदों पर — भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। विज ने लिखा था कि यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
रेड के दौरान सीएम फ्लाइंग की गाड़ी ऑफिस के बाहर खड़ी रही और आसपास के इलाके में सन्नाटा छा गया। इंस्पेक्टर सुनैना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जांच प्रक्रिया जारी है और कार्रवाई पूरी होने के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
यह कार्रवाई न केवल बिजली निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर सकती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि मंत्री स्तर से की गई शिकायतें अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तविक धरातल पर कार्रवाई भी होगी।

