हिसार के न्यायिक कार्यालय ने एक 15 साल के दिव्यांग लड़के के साथ हुए कुकर्म के मामले में एक युवक को दोषी पाया और उसे 10 साल की कारावास की सजा सुनाई।
मामले की सुनवाई सुनील कुमार जिंदल की न्यायिक कोर्ट में हुई। दोषी युवक को न्यायिक कार्यालय ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अगर वह जुर्माना नहीं चुकाता तो उसे एक साल की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई जाएगी। यह मामला जून 2019 में दर्ज किया गया था। जून 2019 में एक नाबालिग दिव्यांग लड़के के पिता ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक युवक ने उनके बेटे को बहलाकर सरकारी स्कूल के आंगनबाड़ी केंद्र में ले गया और वहां उसके साथ कुकर्म किया। उस समय केंद्र के पास से उसका चचेरा भाई गुजर रहा था और उसने अपने भाई के रोने की आवाज सुनी, जब वह वहां पहुंचा तो उसने देखा कि उसके भाई की हालत बेहद खराब थी।

इसके बाद लड़के ने बताया कि उस युवक ने उसके साथ कुकर्म किया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई की और युवक को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। सरकारी वकील आंनद दहिया ने बताया कि जिला कोर्ट ने गत दिन युवक को दोषी करार दिया। आज उसे 10 साल की कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना सुनाया गया है।


