● द किडनी अस्पताल में क्रायोवीवा ने स्टेम सेल बैंकिंग जागरूकता शिविर आयोजित किया
● गर्भवती महिलाओं को स्टेम सेल्स के संग्रह और उपयोग की विधि की दी गई जानकारी
● विशेषज्ञों ने बताया स्टेम सेल्स कैसे बन सकते हैं गंभीर बीमारियों में जीवनरक्षक
Stem Cell Banking: क्रायोवीवा लाइफसाइंसेस ने द किडनी अस्पताल के सहयोग से एक अनूठी और सराहनीय पहल करते हुए गर्भवती महिलाओं के लिए एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को स्टेम सेल बैंकिंग की उपयोगिता, प्रक्रिया और इसके दीर्घकालिक लाभों के प्रति जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के समय नाल और रक्त से प्राप्त स्टेम सेल्स को सुरक्षित रखकर भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे रक्त कैंसर, दिल की बीमारी और अन्य कई जटिल रोगों में इलाज हेतु उपयोग में लाया जा सकता है।

इस अवसर पर विशेषज्ञों रविकांत और कुलदीप ने विस्तार से बताया कि स्टेम सेल्स का संग्रह एक सरल, सुरक्षित और विज्ञानसम्मत प्रक्रिया है जो माता और शिशु दोनों के लिए किसी भी तरह का खतरा नहीं रखती, बल्कि यह भविष्य में जीवनरक्षक सिद्ध हो सकती है। शिविर में महिलाओं को संग्रह की विधि, संरक्षण और उपयोग की प्रक्रियाओं की गहराई से जानकारी दी गई, जिससे उन्हें इस निर्णय को आत्मविश्वास के साथ लेने में सहायता मिल सके।

द किडनी अस्पताल की निदेशिका डॉ मनीषा मान कादियान ने इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गर्भावस्था एक विशेष काल होता है और इस दौरान सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन अत्यंत आवश्यक होते हैं। साथ ही उन्होंने स्टेम सेल बैंकिंग जैसी उन्नत तकनीकी सुविधा को समझने और अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने भविष्य में और ऐसे शिविरों के आयोजन का आश्वासन भी दिया।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ देवानन्द झा ने नवजात शिशुओं की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त आहार और योग विशेषज्ञों ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण और शारीरिक फिटनेस को लेकर उपयोगी जानकारी दी।
अस्पताल की प्रशासनिक अधिकारी डॉ दीप्ति जैन ने बताया कि यदि किसी भी अभिभावक को इस विषय में और जानकारी की आवश्यकता हो, तो वे द किडनी अस्पताल से सीधे संपर्क कर सकते हैं।