भाजपा ने हरियाणा में सभी 10 सीटों पर जीत के दावे किए हैं, लेकिन पहली लिस्ट में उम्मीदवारों के नाम आने में देरी हो रही है। जिसके पीछे 2 मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
बता दें कि पहला कारण भाजपा की कोर कमेटी में हुई चर्चा के बावजूद भी नामों की चयन पर सहमति नहीं होना रहा, अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कोर कमेटी मामले पर मंथन करेगी। वहीं दूसरा कारण जेजेपी के साथ गठबंधन के मसले में केंद्रीय नेतृत्व का निर्णय अभी तक नहीं हुआ है। जेजेपी के साथ चुनाव लड़ने का फैसला नहीं लिया है, जिससे भाजपा की चुनावी रणनीति में देरी हो रही है।

भाजपा के नेता डॉ. बनवारी लाल ने बताया कि उन्हें लगता है कि पार्टी गठबंधन में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रत्याशियों के नाम जनरल सेक्रेटरी बीएल संतोष को सौंप दिए हैं, लेकिन अभी भी कुछ सीटें ऐसी हैं जहां नाम तय नहीं हुआ है।
6 मार्च को होगा पैन पर फाइनल मंथन
अब आरएसएस को मामले को सुलझाने का काम करना होगा। 6 मार्च को प्रत्याशियों के पैनल पर फाइनल मंथन किया जाएगा। इसके बाद भाजपा की केंद्रीय इलेक्शन कमेटी की बैठक में चर्चा होगी। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हो सकते हैं।

8-9 मार्च को होगी उम्मीदवारों की सूची जारी
बैठक में ही हरियाणा भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद 8 या 9 मार्च को केंद्र की ओर से हरियाणा भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। जेजेपी के साथ चुनाव न लड़ने का निर्णय अभी तक किया नहीं गया है। कुछ नेताओं का कहना है कि जेजेपी के साथ गठबंधन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला हो चुका है। जेजेपी ने भी आज अपनी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी और नेता शामिल होंगे।


