हिसार: डाबड़ा चौक पुल के पास स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार दोपहर उस समय हंगामे का माहौल बन गया जब बरवाला निवासी 42 वर्षीय रायसिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इलाज में लापरवाही और आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज का भरोसा दिलाने के बावजूद साढ़े छह लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया।
रायसिंह को 16 मार्च को पीलिया की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में आयुष्मान कार्ड के तहत मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया था। 20 मार्च तक रायसिंह की हालत में सुधार भी हुआ और उसे डिस्चार्ज करने की बात कही गई, लेकिन उसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ती चली गई और अंततः शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
रायसिंह की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और शव को उठाने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि अगर इलाज सही तरीके से किया गया होता और वादा अनुसार योजना के तहत इलाज होता, तो शायद रायसिंह की जान बचाई जा सकती थी।
सूचना मिलते ही अर्बन एस्टेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे शव उठाने को तैयार नहीं हुए।