सिरसा के सिविल हॉस्पिटल में हुई एक घटना में डॉक्टर और एम्बुलेंस कंट्रोल रूम के ऑपरेटर के बीच गाली-गलौज हुई। इसके बाद एम्बुलेंस चालकों ने रोष जताया और चक्का जाम कर दिया। सिविल सर्जन महेंद्र भादू ने मामले की जांच करने का आदेश दिया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. बुधराम ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
जानकारी अनुसार एम्बुलेंस कंट्रोल रूम के ऑपरेटर विकास कुमार को एक मरीज की कॉल मिली, जिसने बताया कि एम्स दिल्ली जाना है। एम्स में स्पेशल एम्बुलेंस जाती है, लेकिन एक एम्बुलैंस करीब 8 मिनट में सिरसा अस्पताल में पहुंचने वाली थी, जिसके चालक से विजय की बात हो गई थी। परंतु इसी बीच डयूटी पर मौजूद डाक्टर ने फोन कर कहा कि अभी तक मरीज की एम्बुलैंस क्यों नहीं लगी। गुस्से में डॉक्टर ने ऑपरेटर को गाली दी और उससे तकरार मच गई। डॉक्टर ने देखने की धमकी दी और इसके बाद एम्बुलेंस चालकों ने चक्का जाम किया। ऑपरेटर विकास कुमार ने बताया कि वह डॉक्टर से सर कहकर बात कर रहे थे, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें गालियां दीं और उन्हें देखने की धमकी दी। इसके पश्चात डॉक्टर रोकी बंसल कंट्रोल रूम में पहुंचे और विकास को गालियां देने लगे। घटना के बाद एम्बुलेंस चालकों में रोष बढ़ा और उन्होंने चक्का जाम कर दिया, जिससे कोई एम्बुलेंस हॉस्पिटल से बाहर नहीं गई।
डिप्टी सीएमओ डॉ. बुधराम ने बताया कि सिविल सर्जन महेंद्र भादू ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और जांच में जो दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होगी। घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश और उत्साह को बढ़ा दिया है, जिसे सरकार को सख्ती से नियंत्रित करने की आवश्यकता है। डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच सही संवाद की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की घटनाएं न घटित हों और मरीजों को सही समय पर उपचार मिल सके।

