Dumb wrestler's pain overflows

Jhajjar : गूंगा पहलवान का छलका दर्द, प्रधानमंत्री और खेल मंत्री को एक्स पर सुनाई मन की बात, सरकार ने नहीं दी 8 करोड़ की राशि, न मिला खेल रत्न

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झज्जर जिले के सासरौली गांव के रहने वाले गूंगा पहलवान के नाम से पहचान रखने वाले पहलवान वीरेंद्र का दर्द अब छलक उठा है। गूंगा पहलवान ने हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को एक्स पर लिखकर अपने मन की बात सुनाई हैं।

बता दें कि गूंगा पहलवान ने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के बावजूद जिन्होंने पंज डेफ ओलिंपिक मेडल्स जीते हैं, उन्हें खेल रत्न नहीं मिला है और न ही हरियाणा सरकार ने उन्हें आठ करोड़ रुपए की राशि दी है। गूंगा पहलवान का कहना है कि उनकी इस अपराध है कि वे मूक-बधिर दिव्यांग खिलाडी हैं। 2024 और 2025 के डेफ ओलिंपिक की तैयारियों में जुटे हुए गूंगा पहलवान ने मेहनत करने का आस्वाद बनाए रखा है। वीरेंद्र उर्फ गूंगा पहलवान का सपना है कि वह देश को इन ओलिंपिक में पदक दिलाएं। गूंगा पहलवान का सफर उनके उपलब्धियों से भरा हुआ है। उन्होंने पंज डेफ ओलिंपिक में पांच बार प्रतिस्पर्धा की है और इनमें तीन बार स्वर्ण और दो बार कांस्य पदक जीते हैं। इसके अलावा उन्हें भीम अवॉर्ड, अर्जुन अवॉर्ड, पद्मश्री और नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

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गूंगा पहलवान ने 2014 से खेल विभाग में कोच की नौकरी भी की है। उनकी मेहनत और परिश्रम के बावजूद उन्हें खेल रत्न नहीं मिला है। हालांकि वे अब भी अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयार हैं और डेफ ओलिंपिक में पदक जीतने के लिए मेहनत कर रहे हैं। गूंगा पहलवान ने अपनी क्वालिफाई करने की खुशी में ट्वीट किया है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से तैयारी के लिए सहायता की भी मांग की है। हरियाणा से उनके साथ 14 अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो डेफ ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई हो चुके हैं।

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