हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव दीपालपुर के रहने वाले सोनू आंतिल पहलवानी छोड़कर आधुनिक खेती करने वाले किसान की फूलों की खेती ओलावृष्टि के चलते पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसान को 25 से 30 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से नुकसान हुआ है। विवाह के सीजन में किसान को डबल मुनाफा होने की उम्मीद थी। क्योंकि शादी के सीजन में लिली, गुलदावरी और सनफ्लावर फूलों की डिमांड ज्यादा रहती है। लेकिन खेती अब ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। जिसके बाद किसान की सारी खेती खराब हो चुकी है। किसान ने सरकार से गिरदावरी करवा मुआवजे की मांग की है।

गांव दीपालपुर के रहने वाला युवा किसान सोनू आंतिल 2008 में पहलवानी करता था और कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल भी हासिल किए हैं। 2008 में इंजरी होने के चलते पहलवानी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। जिसके चलते युवा किसान ने अपने पूर्वजों की परंपरागत खेती को आधुनिक रूप दिया। आधुनिक खेती के जरिए खेती को मुनाफे का सौदा बना डाला। इतना ही नहीं युवा किसान अन्य किसानों के लिए एक मिसाल बनकर उभर रहा है। किसान ने बताया कि लिली की खेती करने से डबल मुनाफा हो जाता है। खेती में अगर मेहनत और लगन के साथ काम किया जाए तो किसान की आय दुगनी हो जाएगी।

सोनू ने बताया कि उसने स्टेकिंग विधि के माध्यम से खेती की शुरुआत की थी इस विधि के जरिए खेती करके 1 एकड़ में 5 से 10 लाख रुपये तक का मुनाफा हो जाता है। किसान ने यह भी कहा कि हमें सरकार और प्रशासन की तरफ से हर प्रकार की मदद मिलती है। यहां तक की बागवानी विभाग द्वारा भी उन्हें सब्सिडी प्रदान की जाती है। उसने कहा कि अब प्रकृति की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। भारी बारिश व ओलावृष्टि होने के कारण 50 से 60 लाख तक का नुकसान हुआ है। जिसके लिए उसने सरकार से मांग की है कि उन्हें गिरदावरी करवा मुआवजा दिया जाए। किसान का कहना है कि हॉलैंड से लिली का बीज मंगाया जाता है तब जाकर यहां पर खेती की जाती है।