➤PGI रोहतक की ओपीडी में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया
➤सिर्फ पेशेंट केयर असिस्टेंट का डिप्लोमा, फिर भी इलाज कर रहा था
➤अस्पताल स्टाफ की सतर्कता से खुला मामला, पुलिस को सौंपा गया
रोहतक के प्रतिष्ठित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (PGIMS) में उस समय हड़कंप मच गया जब ओपीडी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट कक्ष में एक युवक इंटर्न डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करता मिला। उसकी पहचान सोनीपत निवासी साहद के रूप में हुई, जो केवल पेशेंट केयर असिस्टेंट का डिप्लोमा धारक है।

बताया गया कि साहद ने सफेद कोट पहनकर डॉक्टरों की तरह व्यवहार किया और खुद को इंटर्न बताकर मरीजों को सलाह देता रहा। हालांकि, उसकी गतिविधियों पर अस्पताल के स्टाफ को संदेह हुआ। जब उससे कागज़ात मांगे गए, तो वह कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं दिखा पाया।
सुरक्षा गार्डों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे कस्टडी में लिया और पूछताछ के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटनाक्रम से अस्पताल की सुरक्षा और प्रमाणन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युवक कितने समय से मरीजों के बीच सक्रिय था और क्या किसी को नुकसान पहुंचा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक को अस्पताल परिसर में प्रवेश कैसे मिला और उसका उद्देश्य क्या था।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अस्पतालों में सुरक्षा और पहचान प्रक्रिया को और कड़ा करने पर विचार किया जा रहा है।

