आज डी सी विक्रम सिंह ने जिला फरीदाबाद में चाइनीज मांझा (रील) का प्रयोग करने, रखने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधीश विक्रम सिंह ने कहा कि चाईनीज मांझा आसमान में उड़ने वाले पक्षियों के लिए बहुत खतरनाक है। यह पक्षियों से लेकर इंसान तक की गर्दन को काटकर घायल कर सकता है।
आदेशों की अवहेलना करने वालों को मिलेगा दंड
बता दें कि इसी सम्बन्ध में वर्ष 2013 में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और वर्ष 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चाइनीज मांझे के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन फिर भी जिला फरीदाबाद में कई दुकानदारों द्वारा चाइनीज मांझा को खरीदने, बेचने और प्रयोग किए जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। जोकि जनता के लिए काफी नुकसान दायक साबित हो सकता हैं।
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए आज जिलाधीश विक्रम सिंह ने जिला फरीदाबाद में भारतीय दण्ड प्रक्रिया नियमावली, 1973 की धारा-144 के अन्तर्गत आदेश पारित किए हैं। अगर इन आदेशों की कोई अवहेलना करता है तो उसे धारा 188 भारतीय दण्ड संहिता 1860 के तहत दंड दिया जाएगा।

