फरीदाबाद में होटल कुशवाहा पैलेस में हुई एक बर्थडे पार्टी में युवक-युवतियों को पुलिस ने बेरहमी से पीटा। होटल मालिक का आरोप है कि पुलिस ने 5 युवक-युवतियों और होटल संचालक को कार में डालकर चौकी ले गई और उससे भी बुरी तरह मारपीट की। जब उसने पानी मांगा तो उसके मुंह में शराब उड़ेल दी गई।
जानकारी अनुसार होटल संचालक सोमेश ने आरोप लगाया कि पुलिस ने होटल में लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी अपने साथ ले गई है। पुलिस ने बाद में युवक-युवतियों को छोड़ दिया, लेकिन होटल मालिक के साथ मारपीट की। सोमेश ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों ने उसके पैर पर लाठियां मारीं और दरवाजा तोड़कर घुसे। सोमेश ने कहा कि मंगलवार-बुधवार रात करीब डेढ़ बजे होटल में युवक-युवतियां बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट कर रहे थे। इसी दौरान 5 पुलिस वाले आए और दरवाजे को लात मारकर अंदर घुस गए। उन्होंने खाना खा रहे युवक-युवतियों को पीटना शुरू कर दिया। होटल संचालक के अनुसार उसने पुलिस कर्मचारियों से कहा कि अगर आपको कोई आपत्ति है या डॉक्यूमेंट चेक करने हैं, तो आप मुझसे बात कर लीजिए। कस्टमर्स को परेशान न करें। यह सुनकर पुलिस कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने मालिक को मारना शुरू कर दिया।

रात को डेढ़ बजे की गई थी रेड
सोमेश का कहना है कि पुलिस चौकी में कई घंटे तक उनसे मारपीट की गई। बाद में उन्हें धमकी दी गई कि अगर वह इसे बाहर जाकर किसी को बताते हैं या कोई हरकत करते हैं, तो उनको और बुरा अंजाम होगा। इसके बाद वह बुधवार को किसी को बताने का हौसला नहीं कर सका। होटल संचालक के आरोपों पर नवीन नगर पुलिस चौकी इंचार्ज दिनेश ने कहा कि मंगलवार देर रात 1:30 बजे होटल में रेड की गई थी और मारपीट के आरोपों के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।

पानी मांगने पर दिखाया प्राईवेट पार्ट
सोमेश ने आरोप लगाया कि 3 पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ा हुआ था और उसके तलवों में जमकर लाठियां मारीं। उसके पूरे शरीर पर लाठी-डंडों के निशान हैं। पिटाई के दौरान उसका गला सूख गया और उसने पुलिसकर्मियों से पानी पिलाने को कहा, पर पुलिस कर्मी ने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाते हुए उसे कहा कि पानी नहीं पेशाब पिलाएंगे और फिर उसके मुंह में शराब उड़ेल दी गई। घटना के बाद सोमेश ने अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया है और उनके शरीर पर चोटों के निशान हैं। होटल संचालक का कहना है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।


