फरीदाबाद में लैप्स बीमा पॉलिसी की ठगी में गिरफ्तार हुए दो आरोपी अब जेल में हैं। इन आरोपियों ने करीब 2 करोड़ 48 लाख रुपए की ठगी की। जिसमें उन्होंने फर्जी लैप्स बीमा पॉलिसी का बहाना बनाकर लोगों से पैसे ठग लिए। इस विचार में उनके खिलाफ साइबर सेंट्रल ने कड़ी कार्रवाई की है और दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों का पहचानामान किया गया है, जो 30 वर्षीय अनिमेष और 32 वर्षीय अभिषेक नामक हैं और वे दिल्ली के ज्योति नगर में रहते हैं। इन दोनों की कहानी में है कि वे इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने का काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने फर्जी तरीके से लोगों से पैसे ठग लिए। आरोपी दोनों खुद को जीवन बीमा लोकपाल के अधिकारी बताकर फर्जी तरीके से लोगों से संपर्क करते थे। उन्होंने दिल्ली के एक व्यक्ति को फोन करके उसे बताया कि उसकी लैप्स बीमा पॉलिसी में मैच्योरिटी पर मिलने वाले फुल रिटर्न और बेनिफिट्स के नाम पर विभिन्न चार्जेज में पैसे जमा करवाने की आवश्यकता है। इसके बाद आरोपियों ने उसे धोखाधड़ी से 2.48 करोड़ रुपए हड़प लिए, जिसमें जीएसटी, आईटी चार्ज, एनएसडीएल चार्ज, डीडी क्लीयरेंस/चार्ज, सिक्योरिटी डिपॉजिट, स्टांप ड्यूटी फाइल, आरबीआई चार्ज, बॉन्ड, एचएनआई टैक्स जैसे अनेक चार्जेज शामिल थे।
फिर पूरी घटना को समझकर पीड़ित ने साइबर सेंट्रल को शिकायत की और पुलिस ने त्वरित क्रिया करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट से कंडीशनल बेल मिली, लेकिन उनकी जांच के बाद उन्हें जेल भेजा गया है। पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। पहले किसी भी विभाग से आने वाले कॉल को सुनिश्चित करें और सरकारी नंबर से ही जानकारी लें। विदेशी नंबरों पर सतर्क रहें और अनजान नंबरों से विडियो कॉल/कॉल को नजरअंदाज करें। किसी भी अनजान नंबर को ब्लैक लिस्ट में डालें और अगर कोई आपसे आपकी डिटेल मांगता है तो वह ठग हो सकता है।