हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने के दावे की पोल एक बार फिर खुल गई है, क्योंकि किसानों को उनकी फसलों का पूरा दाम नहीं मिल रहा।
हुड्डा ने खुलासा किया कि सरसों की एमएसपी 5,960 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है, लेकिन मंडियों में यह केवल 5,400 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी जा रही है। यानी किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हो रहा, बल्कि पिछले सीजन में धान की खरीद भी एमएसपी से कम कीमत पर हुई थी और अब सरसों की खरीद में भी किसानों को लूटने का खेल चल रहा है।
बीजेपी सरकार ने किया था MSP पर खरीद का वादा, लेकिन हकीकत कुछ और
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले किसानों से वादा किया था कि धान और गेहूं जैसी फसलों को एमएसपी से भी ज्यादा रेट पर खरीदा जाएगा। भाजपा ने धान के लिए 3,100 रूपयक प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद इस वादे को भुला दिया गया। यहां तक कि हाल ही में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े भी दिखाते हैं कि सरकार ने किसी भी फसल की खरीद पूरी तरह एमएसपी पर नहीं की।
पंजाब में किसानों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हुड्डा ने पंजाब में किसानों के धरने को बलपूर्वक खत्म करने की आलोचना की। उन्होंने इसे पूरी तरह अलोकतांत्रिक करार दिया और कहा कि किसानों की आवाज को दबाने की बजाय सरकार को उनकी मांगें माननी चाहिए और एमएसपी की कानूनी गारंटी देनी चाहिए।







