पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर लगे किसानों का आंदोलन आज 19वां दिन है, जो कि एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने और अन्य मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
किसानों को दिल्ली कूच नहीं करने का निर्धारण किया गया है, जब तक कि उनकी मांगें पूरी न हों। लेकिन बरसात के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है। जिसके लिए किसान ट्रालियों को तिरपालों से ढक रहे हैं और ट्रैक्टरों को भी तिरपाल से ढक रहे हैं। बता दें कि पंजाब के कलाकार आज बॉर्डर पर पहुंचेंगे, ताकि वे किसानों का समर्थन कर सकें। पिछले आंदोलन में पंजाबी कलाकारों ने काफी सहायता की थी और युवाओं को जुड़ाया था।

किसान नेता ने घोषणा किया है कि अब आंदोलन शंभू-खनौरी बॉर्डर के साथ-साथ डबवाली बॉर्डर पर भी जारी रहेगा। 3 मार्च को शुभकरण है, तब तक कोई आंदोलन नहीं होगा। बारिश की भविष्यवाणी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। रात को ही उन्होंने अपने प्रबंध शुरू किया था, ताकि वे बरसात से बच सकें। सुबह होते ही बारिश हुई और किसानों के हालत को कैमरों में कैद किया गया। उनके साथियों की हालत भी दिखाई गई।

3 मार्च को बनाई जाएगी अगली रणनीति
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि 3 मार्च को अगली रणनीति बनाई जाएगी। 21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर शुभकरण सिंह की मौत के बाद किसानों ने दिल्ली कूच का फैसला 29 फरवरी तक के लिए टाल दिया था, लेकिन 29 फरवरी को भी कोई नई घोषणा नहीं हुई। अब किसानों का आगे की प्रक्रिया शुभकरण के बाद ही होगा।

6 मेंबरी कमेटियां आज करेगी बैठक
किसान नेता सरवन पंधेर और जगजीत डल्लेवाल ने बताया कि शुभकरण की आध्यात्मिक शांति के लिए 3 मार्च को अंतिम अरदास की जाएगी। जिसके बाद ही आगे की योजना बनाई जाएगी। सभी किसान संगठनों के फिर से एक मंच पर आने की संभावना है, क्योंकि संयुक्त किसान मोर्चा की 6 मेंबरी कोआर्डिनेशन कमेटी ने अन्य संगठनों से संपर्क करना शुरू किया हैं। पंधेर व डल्लेवाल ग्रुप के दोनों फोरम संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा से भी 6 मेंबरी कोआर्डिनेशन कमेटी बनेगी। ये कमेटियां आज ही बैठक करेंगी।


