फतेहाबाद शहर के लोग पहले से ही बेसहारा पशुओं से परेशान थे। शहर में बेसहारा पशुओं की संख्या बाढ़ के बाद बढ़ी तो अब घोड़े और खच्चर भी लगातार शहर में घूम रहे हैं।
जिले में सांडों और गायों के बाद अब बेसहारा घोड़ों की भी भरमार हो गई है। इससे कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं। शहर के लोग भी इससे परेशान हैं। उनका कहना है कि शहर में जो लोग घोड़े रखते हैं और बग्गी आदि चलाते हैं। उन्हें निर्बल होने के बाद इन घोड़ों को छोड़ दिया है।
सड़कों पर घूम रहे करीब 50 घोड़े
शहर की सड़कों पर यह बेसहारा घोड़े आम दिखाई दे रहे हैं और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। यही नहीं कई बार यह घोड़े पीछे से आ रहे वाहनों को दुलत्ती मार देते हैं। जिस कारण वाहन चालकों को इनसे बचकर निकलना पड़ता है। शहर में करीब 50 के करीब घोड़े और 500 के करीब गाय और सांड घुम रहे हैं, जो हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं।
सड़क पर वाहनों को घोड़े मार रहे दुल्लती
शहरवासी कपिल सोनी, हरीश छाबड़ा, एडवोकेट अजय बेनीवाल, सुरेश कुमार ने बताया कि शहर के जीटी रोड, भट्टू रोड, रतिया रोड, सिरसा व हिसार रोड पर बेसहारा पशुओं के अलावा अब तो घोड़े भी दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग घोड़ों को अपने पास रखते हैं, जब यह निर्बल हो जाते हैं, तो उनको बेसहारा छोड़ देते हैं।
कपिल सोनी ने बताया कि वह अपनी बाइक से जीटी रोड से धर्मशाला रोड की ओर जा रहा था। करीब पांच से छह घोड़े सड़क पर घुम रहे थे और एक ने उसकी बाइक को दुलत्ती मारने का प्रयास किया। गनीमत रहा कि उसने पहले ही ब्रेक मार लिया और वह बच गया।