Haryana Lok Sabha Elections 2024

Haryana News : भाजपा नेताओं के काफिले पर हमला मामले में 19 किसान नेताओं सहित 70 पर एफआईआर दर्ज

फतेहाबाद

Haryana News : हरियाणा के जिला फतेहाबाद में शुक्रवार रात हनुमान चालीसा पाठ के धार्मिक कार्यक्रम के दौरान किसानों ने हंगामा किया। कार्यक्रम में भाजपा के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और सिरसा से लोकसभा उम्मीदवार डॉ. अशोक तंवर पहुंचे तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद धार्मिक कार्यक्रम की स्टेज पर भाजपा नेताओं का संबोधन हुआ तो किसान भड़क गए। उन्होंने कार्यक्रम से लौटते वक्त सांसद बराला और उम्मीदवार अशोक तंवर के काफिले पर हमला कर दिया। आरोप है कि उनकी गाड़ियों पर लाठी-डंडे मारे गए।

बताया जा रहा है कि फतेहाबाद में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति एवं भारतीय किसान यूनियन एकता की अगुआई में इकट्‌ठा हुए किसानों ने जमकर बवाल किया। इस दौरान पुलिस बेबस नजर आई। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने दावा किया कि फतेहाबाद के जाखल में रात को उन पर और भाजपा प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर के काफिले पर सुनियोजित हमला हुआ था। किसानों की आड़ लेकर यह राजनीतिक षड़यंत्र हुआ, इसके पीछे कांग्रेस के लोगों का रोल है।

उन्होंने कहा कि यह घटना निंदनीय है और समाज में स्वीकार्य नहीं है। समाज पहले भी इस तरह की घटना का संज्ञान लेता आया है और अब भी लेना चाहिए। समाज को इस बारे में ध्यान देना चाहिए, क्या किसी भी रूप में आकर हनुमान चालीसा को डिस्टर्ब करना चाहिए? वहीं पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए  लाभ सिह, मनजीत सिंह, जगसीर सिंह उर्फ जग्गी, हरविन्द्र सिंह, जगतार उर्फ गोरा, कुलवंत, भान सिंह, लखविन्द्र सिंह, गुरतेज सिंह, बलकार सिंह, नसीब सिंह, जसपाल उर्फ जस्सा, निर्मल सिंह, दर्शन सिंह, तरसेम, संसार, केवल सिंह, बिट्टू सिंह, शुभम सहित 19 नामजद व 60-70 अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

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बताया जा रहा है कि फतेहाबाद की जाखल मंडी में किसान 7 फरवरी से उप तहसील जाखल में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जुलाई 2023 में पूरे फतेहाबाद में बाढ़ आई थी, जिसमें किसानों की फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी। सरकार ने किसानों को पूरा मुआवजा नहीं दिया। इस वजह से वह लगातार विरोध कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल के बाहर मौजूद किसान नेता जग्गी महल भाषण का कहना है कि आचार संहिता का उल्लंघन कर धार्मिक प्रोग्राम किया जा रहा है। जब पता है कि जाखल में भाजपा के लिए वोट मांगने से दंगे भड़क सकते हैं, इसके बावजूद कार्यक्रम करवा रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसान नेता रविंद्र जंडा का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रम में राजनीति नहीं की जानी चाहिए। इसे लेकर पहले ही प्रशासन को चेतावनी दे चुके हैं। हमने मांग रखी थी कि मंच से राजनीतिक नारे नहीं लगने चाहिए। यदि धार्मिक कार्यक्रम होता तो हम भी कार्यक्रम में आकर माथा टेकते, लेकिन जैसे ही मंच पर नेता आए तो यहां से 400 पार और भाजपा जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इसके बाद किसानों का गुस्सा भड़का और प्रदर्शन शुरू किया था।

वहीं सरकार की तरफ से मुआवजे को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन की कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद किसानों ने भाजपा और जजपा नेताओं के विरोध का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि गांव में कोई भाजपा नेता कार्यक्रम करेगा और कोई वोट मांगने आएगा तो उससे सवाल जवाब करेंगे और उसका विरोध करेंगे। यहां तक की गांव में एंट्री भी नहीं करने देंगे। जाखल में भाजपा ने धार्मिक कार्यक्रम रखा हुआ था। यह कार्यक्रम पूरी तरह से धार्मिक था ताकि किसान इसमें किसी तरह कोई खलल न डाले। जाखल की सामाजिक संस्था सिद्धि विनायक सेवा दल के बैनर तले यह कार्यक्रम किया गया।