हरियाणा के फतेहाबाद जिले के एक गांव में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। दुकान पर सामान लेने गई 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुकानदार ने दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाकर आरोपी के खिलाफ 342, 376 (1), 506, SCST एक्ट, 4 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
5 भाई-बहनों में सबसे बड़ी है नाबालिग
पुलिस को दी शिकायत में युवती की मां ने बताया कि उसका पति दिव्यांग है। उसके 5 बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ी लड़की 16 वर्ष की है। उनकी बेटी रात 8 बजे एक दुकान पर सामान लेने गई थी। दुकानदार पर आरोप है कि उसने लड़की को अपनी दुकान में बंद कर लिया और उसके साथ गलत काम किया।
दुष्कर्म कर नाबालिग को घर छोड़ गए आरोपी
पीड़िता की मां ने बताया कि रात को करीब 10 बजे गांव के 2 शख्स उसकी बेटी को घर पर छोड़ कर गए और मामले की जानकारी दी। इसके बाद उसने अपनी बेटी से पूछा तो बेटी ने बताया कि दुकानदार ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस को शिकायत दी है। मामले की जांच पड़ताल जारी है।
महिलाओं की सुरक्षा के सभी दावे फेल
देश में महिला सुरक्षा के लाख दावे किए जाते हैं लेकिन सच्चाई यही है कि महिलाएं हो या युवा लड़कियां या फिर छोटी बच्चियां कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। बात हरियाणा राज्य की करें तो यहां महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के आंकड़े बेहद हैरान-परेशान कर देने वाले हैं। हरियाणा में पिछले आठ सालों में रेप के मामलों में 65 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा में बढ़ते रेप के आंकड़ों ने प्रदेश को शर्मसार कर दिया है।
- हरियाणा में पिछले आठ सालों के आंकड़े दिखाते हैं कि यहां महिला अपराध में बेतहाशा इजाफा हुआ है।
- हरियाणा पिछले आठ सालों में रेप के मामलों में 65 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
- 2014 में राज्य में कुल 944 बलात्कार से संबंधित मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में 1,546 तक पहुंच गए।
- राज्य में 2014 से 2017 तक लगभग समान संख्या में मामले देखे गए, वहीं 2018 से 2021 तक पिछले चार वर्षों में तेज वृद्धि हुई है।
- वहीं, इन मामलों में राज्य में दोषसिद्धि की दर बहुत खराब रही है। आंकड़ों के अनुसार, 2014 में केवल 151, 2015 में 108, 2016 में 91, 2017 में 84, 2018 में 48, 2019 में 28, 2020 में तीन और 2021 में केवल एक को दोषी ठहराया गया था।
2019 के आंकड़ों के अनुसार
साल 2019 के आंकड़े दिखाने वाली राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में प्रति लाख जनसंख्या पर 1.17 मामलों के साथ 159 सामूहिक बलात्कार दर्ज किए गए। यह राजस्थान के बाद देश में दूसरी सबसे अधिक है।
सभी श्रेणियों के तहत बलात्कार के मामले में हर रोज चार मामले दर्ज किए गए और 1,480 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत, 68.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो नाबालिगों के यौन उत्पीड़न में भारी वृद्धि का संकेत देता है।
आखिर कब तक सहती रहेंगी महिलाएं?
भारत ऐसा देश बनता जा रहा है जहां महिला संबंधित अपराध आसमान छू रहे हैं। भारत के किसी भी कोने में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। नारी को पूजने वाला देश भारत क्या सही मायनों में नारी को पूजने का हकदार है। एक तरफ जहां भारत में कई देवियों की पूजा की जाती है तो वहीं दूसरी तरफ उसी भारत में हर घंटे 4 से ज्यादा बेटी और महिलाएं बलात्कार का शिकार हो रही हैं।
साल 2012 में हुए निर्भया रेप केस से लेकर 2017 उन्नाव रेप केस, 2018 कठुआ रेप केस, कटनी रेप केस और 2023 में मणिपुर में हुए केस और ना जाने कितने रेप के मामलों ने देश भर के लोगों के होश उड़ा दिए।

