हरियाणा के नारनौंद क्षेत्र के गांव बास में मंगलवार को घटित एक दिल दहला देने वाली घटना ने एक सच्चे लेकिन दर्दभरे प्रेम की कहानी को जन्म दे दिया। यह वो प्रेम कथा है, जिसमें साथ जीने की कसमें निभाते-निभाते दो दिलों ने साथ मरने की राह भी चुन ली — और अंत में एक साथ चिता पर सजकर दुनिया को अलविदा कह दिया।
दवा के धोखे में ज़हर, और ज़िंदगी थम गई
गांव बास की पूनम पिछले कुछ समय से शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। मंगलवार को उसने दवा समझकर कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे हिसार के निजी अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन मौत पहले ही दस्तक दे चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रेम में टूटा पति, उठाया खौफनाक कदम
पत्नी की मौत की खबर जैसे ही पति फतेह सिंह को मिली, वह खुद को संभाल नहीं पाया। वह तुरंत अस्पताल पहुंचा, लेकिन पूनम के निर्जीव शरीर को देखकर उसका दिल भी टूट गया। कुछ ही घंटों बाद उसने रेलवे ट्रैक पर छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस कार्रवाई और परिजनों का दुख
बास थाना पुलिस ने मृतका के भाई के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की और दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। परिवार और गांव वालों की आंखें नम थीं, और हर चेहरा ग़मगीन।
एक साथ जीवन की विदाई
दोनों के शव गांव लाए गए, जहां प्रेम की इस दर्दनाक गाथा का अंतिम अध्याय लिखा गया — दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। चिता की आग में जब दो प्रेमी एक साथ विलीन हुए, तो गांव की हवा तक ग़म में डूब गई। यह दृश्य किसी फिल्मी कहानी से कम न था — लेकिन यह रील नहीं, रियल था।







