➤यमुनानगर में सोम और पथराला नदियां उफान पर
➤दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा, फसलें जलमग्न
➤प्रशासन की लापरवाही पर ग्रामीणों में नाराजगी
हरियाणा के यमुनानगर में लगातार हो रही बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। सोम और पथराला नदियां अपने रौद्र रूप में हैं, जिससे ग्रामीणों की नींद हराम हो चुकी है। आदिबद्री के पास पानीवाला गांव में सोम नदी का तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है। धनौरा गांव में नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है और ग्रामीणों को पुल के टूटने का डर सता रहा है। अगर पुल बह गया तो आसपास के गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने तटबंध निर्माण और मरम्मत के दौरान लापरवाही बरती। उन्होंने बताया कि काम के दौरान भी यह बांध तीन बार टूट चुका था और इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब हालत यह है कि ग्रामीण रात भर जागकर डर में जी रहे हैं।
इसी तरह पथराला नदी भी पिछले दो दिनों से उफान पर है। बरौली माजरा और आसपास के गांवों में नदी का पानी घुस गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ गन्ना और धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार, पथराला नदी की क्षमता 4000 क्यूसेक की है, लेकिन इसमें 7500 क्यूसेक पानी बह रहा है, जो खतरे का संकेत है। किसान सोहन सिंह ने कहा कि उनकी फसल पूरी तरह चौपट हो गई है और प्रशासन ने बांध की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
यमुनानगर शहर भी बारिश की मार झेल रहा है। शक्ति नगर, मटका चौक, ससोली रोड और प्रोफेसर कॉलोनी जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी जमा हो गया है। कई जगहों पर घरों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है। रविवार की छुट्टी के दिन लोग घरों में कैद होकर रह गए।
ग्रामीणों और शहरवासियों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले साल की तबाही से कोई सबक नहीं लिया गया। बांधों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था समय रहते की जाती तो आज हालात इतने भयावह न होते।

