नूंह में शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर नहारिका गांव के समीप एक हाइवा से कई गाड़ियां टकरा गईं। इस हादसे में एग्जाम देने जा रहे दो छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा भिजवा दिया है। वहीं घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र अंतर्गत नहारिका गांव के समीप एक हाइवा का डीजल खत्म हो गया। इसका ड्राइवर उसे रोड पर ही छोड़कर चला गया। शनिवार सुबह को अधिक कोहरा होने के चलते सुबह करीब 7 बजे इस हाइवा में पीछे से कई गाड़ियों ने टक्कर मार दी। इसी दौरान सोहना से अलवर की तरफ एग्जाम देने के लिए जा रही एक गाड़ी में सवार दो छात्रों की हादसे में मौत हो गई। अन्य कई वाहनों में सवार कई लोग घायल हो गए। वहीं सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को देख तत्परता दिखाते हुए अन्य वाहनों का हादसा होने बचा लिया।
कर्मचारी को लाल झंडा देकर सड़क पर किया खड़ा
उन्होंने तुरंत बैरिकेडिंग कर कर्मचारी को लाल झंडा लेकर सड़क पर खड़ा किया। फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी राधेश्याम ने कहा मृतकों की पहचान की जा रही है, पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई में जुट गई है। यह हादसा बहुत दुखद है, खासकर उन दो छात्रों के परिवारों के लिए जिनकी मौत हो गई है। साथ ही जिन्हें दुर्घटना में चोटें आई हैं, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। इस तरह की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर हमें और भी सतर्क रहना चाहिए।
ड्राईवरों को सुरक्षित जगह खड़ा करना चाहिए वाहन
पुलिस द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार ड्राइवर ने अपनी गाड़ी को खड़ा होने के बाद छोड़ दिया, जिससे यह दुर्घटना हुई। इससे साफ है कि ऐसी स्थितियों में ड्राइवरों को सावधानी बरतना चाहिए और वे अपनी गाड़ी को सुरक्षित जगह पर खड़ा करने के बाद ही छोड़ें। हादसे से सीधे प्रभावित होने वाले लोगों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं और हम उन सभी को शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि अच्छी सड़क सुरक्षा के लिए हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। सड़कों पर सुरक्षित चलने का पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाएं न हों।