हरियाणा के करनाल में समलैंगिक जोड़े को कोर्ट ने पहली बार लिव-इन रिलेशनशिप में प्रोटेक्शन दी है। इस समलैंगिक जोड़े में दोनों ही युवतियां है। जिनमें से एक युवती की 26 फरवरी को शादी होनी थी। शीदी के 10 दिन पहले वो घर से भाग गई। परिवार से जान का खतरा बताते हुए लड़की ने कोर्ट से सुरक्षा मांगी थी। एडवोकेट मुकेश गर्ग ने कोर्ट में प्रोटेक्शन याचिका दायर की। जिस पर कोर्ट ने प्रोटेक्शन देकर दोनों लड़कियों को सेफ हाउस भेज दिया।
एडवोकेट मुकेश गर्ग ने बताया कि करनाल क्षेत्र की 22 वर्षीय युवती जो बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। जबकि दूसरी 23 वर्षीय युवती पानीपत के मतलौडा क्षेत्र की रहने वाली है। जो बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा देने के बाद करनाल के बर्गर किंग आउटलेट में जॉब करती है। दोनों की जान-पहचान सोशल मीडिया पर हुई। जिसके बाद से दोनों एक-दूसरे को बहुत पसंद करने लगी इसलिए उन्होंने एक-दूसरे के साथ रहने का पक्का मन बना लिया।
6 फरवरी को होने थी एक लड़की की शादी
दोनों युवतियां दो साल से एक-दूसरे के टच में थीं। इस बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। 22 वर्षीय युवती की शादी घर वालों ने जींद के एक युवक के साथ तय कर दी थी। 26 फरवरी को उसकी शादी होने वाली थी। घर में शादी को लेकर तैयारियां चल रही थीं लेकिन शादी से 10 दिन पहले ही 22 वर्षीय युवती घर से फरार हो गई और अपने डॉक्यूमेंट के साथ करनाल कोर्ट पहुंच गई।
प्रोटेक्शन के लिए कोर्ट का खटखटाया दरवाजा
समाज के रीति-रिवाजों और प्रकृति के विपरीत जाकर ऐसा कदम उठाना दोनों के लिए आसान नहीं था। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और प्रोटेक्शन के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहीं कोर्ट में उसकी पार्टनर पहले से ही मौजूद थी। वे एडवोकेट मुकेश गर्ग से मिलीं और पूरी कहानी उन्हें बताकर प्रोटेक्शन दिलाने के लिए कहा। इसके बाद 16 फरवरी को ही सेशन जज चंद्रशेखर की अदालत में प्रोटेक्शन के लिए याचिका दायर की गई और शाम को ही दोनों को प्रोटेक्शन मिल गई।