पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने उचाना में वार्षिक खेल महोत्सव के दौरान सरकार को कई मोर्चों पर घेरा। उन्होंने खासतौर पर युवाओं के विदेश जाने, किसानों की ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का मुआवजा, खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां देने और प्रधानमंत्री आवास योजना में दलित व पिछड़े वर्गों के लिए फंड जारी करने की मांग उठाई।
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में युवाओं में विदेश जाने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन सरकार को इसे सुव्यवस्थित करने के लिए एक अलग विभाग बनाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका से लौटाए जा रहे छात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि सही योजना के बिना यह प्रवृत्ति युवाओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
उन्होंने प्रदेश में बेरोजगारी की विकराल समस्या को रेखांकित करते हुए कहा कि सिर्फ एनसीआर के कारण आर्थिक स्थिति अच्छी दिखने का मतलब यह नहीं है कि हरियाणा के युवाओं को रोजगार की जरूरत नहीं है। सरकार को बजट में इस विषय पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह हो गईं। बृजेंद्र सिंह ने सरकार से मांग की कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर किसानों के खाते में मुआवजा सीधे भेजा जाए। उन्होंने 10,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग को दोहराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पिछले 5-6 सालों से कोई फंड जारी नहीं हुआ। उन्होंने सरकार से इस योजना को पुनः सक्रिय करने और दलित व पिछड़े वर्गों को लाभ दिलाने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।
खेलों को लेकर सवाल उठाते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरियां दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले खिलाड़ियों को जिस तरह डीएसपी जैसे पदों पर भर्ती किया जाता था, उसी तरह की नीति फिर से लागू होनी चाहिए।
उन्होंने हिसार में किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को किसानों को बार-बार सड़कों पर बैठने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। किसानों की समस्याओं को तुरंत सुलझाने और उनके हक का मुआवजा समय पर देने की मांग की।







