भिवानी: वैश्य महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय सांस्कृतिक समारोह ‘अभिव्यंजना’ के समापन अवसर पर हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कलाकारों की भूमिका को सराहते हुए कहा कि एक कलाकार न केवल समाज को जोड़ता है, बल्कि अपनी कला के माध्यम से पूरी दुनिया में सकारात्मक संदेश भी फैलाता है। उन्होंने कहा कि कलाकारों की अपनी एक स्थायी पहचान होती है और वे संस्कृति के वाहक होते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि देश की एकता और सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करने में कलाकारों का योगदान अहम है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अभिव्यंजना केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि यह हमारी कला, साहित्य, संस्कृति और अभिव्यक्ति का उत्सव है जो हमें हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ता है।” समारोह में नृत्य, गायन, अभिनय, साहित्य और ललित कला सहित कुल नौ विधाओं को शामिल किया गया था।
राज्यपाल ने वैश्य महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि इसकी स्थापना 1944 में आज़ादी से पहले हुई थी, और इस संस्थान से निकले विद्यार्थियों ने कानून, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रशासन और राजनीति जैसे क्षेत्रों में देश-विदेश में पहचान बनाई है।
उन्होंने कॉलेज की प्रबंधकारिणी में रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया, जिन्होंने लंबे समय तक संस्था के अध्यक्ष के रूप में सेवा दी।
समारोह के दौरान विधायक घनश्याम सर्राफ, सीबीएलयू की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी, ट्रस्ट अध्यक्ष शिव रत्न गुप्ता, गवर्निंग बॉडी अध्यक्ष अजय गुप्ता, उपाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, प्राचार्य संजय गोयल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार रखे।