गुरुग्राम की मॉडल दिव्या पाहुजा की लाश का मामला बहुत चर्चा में है। जिसमें उनकी बहन नैना पाहुजा ने नए तथ्यों का खुलासा किया है। दिव्या की मौत के 6 दिनों बाद भी उनकी लाश नहीं मिली है। नैना ने बताया कि दिव्या को लेकर चिंता में थीं और उसकी लोकेशन को ट्रैक करती रहीं। वहीं अभी तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।
नैना ने कहा कि 2 जनवरी को दोपहर तक वह दिव्या की लोकेशन को जानती रहीं, लेकिन फिर उसका कोई कॉल नहीं आया और न ही कोई मैसेज आया। जिसके बाद उसकी लोकेशन ट्रैक की और पता चला कि दिव्या का सैमसंग मोबाइल दिल्ली के एम्स के पास आ रहा है, जबकि आईफोन की लोकेशन गुरुग्राम के होटल सिटी पॉइंट के पास दिखाई दी गई। नैना ने बताया कि दिव्या को लेकर अपने परिवार से बहुत परेशान हो गई थी और उसने तुरंत उसे कॉल किया। अभिजीत ने उसे गुमराह कर दिया और बताया कि दिव्या उसके साथ है, लेकिन शाम को घर के लिए निकल गया। नैना ने बताया कि वह खुद अपनी गाड़ी से शाम के 7 बजे दिल्ली की लोकेशन पर पहुंची, जो अभिजीत के घर के पास थी। वहां पहुंचते ही उसने अभिजीत को कॉल किया और उसे मिली जानकारी के बाद पुनः गुरुग्राम की ओर रुख किया।

रवि बांगा व तीसरा व्यक्ति फरार
दिव्या की मौत के बाद होटल मालिक अभिजीत ने उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए दो और लोगों को शामिल किया। जिसमें बलराज गिल और रवि बांगा थे। इसके बाद उन्होंने उन्हें 10 लाख रुपए और अपनी बीएमडब्लयू कार दी। लाश को ठिकाने लेकर जाने वाला बलराज गिल को पुलिस ने पकड़ लिया है, लेकिन रवि बांगा और एक तीसरा व्यक्ति फरार हैं।

एसआईटी को मिला संकेत
नैना ने बताया कि जब वह होटल पहुंची, तो वहां अभिजीत नशे में था और उसकी गाड़ी से टकराया। उसने नैना को अपना आधार कार्ड और पेन कार्ड दिया और दिव्या के सैमसंग फोन को पुलिस को सौंप दिया, लेकिन उसके आईफोन का पता अब तक नहीं लगा सका है। साथ ही एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने भी मामले की जांच करते समय एक और संकेत पाया है।

लोकेशन पटियाला में, रूख उदयपुर की ओर
एसआईटी टीम अनुसार दिव्या की लाश को ठिकाने लगाने में बलराज गिल और रवि के अलावा एक और व्यक्ति शामिल था, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हुई है। जबकि अब तक की रिपोर्टों के अनुसार दोनों फरार व्यक्तियों की आखिरी लोकेशन पटियाला में मिली थी और उन्होंने उदयपुर की ओर रुख किया था। मामला संदीप गाड़ोली की मौत से जुड़ा है, जिन्होंने दिव्या के साथ संबंध बनाए थे। उनकी मौत के बाद दिव्या पाहुजा को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।

