हरियाणा में 3.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल योजना का लाभ इस वर्ष में नहीं मिल पाएगा। इसके पीछे का कारण ड्राफ्ट नहीं बन पाना है। जिससे योजना को जनवरी 2024 से शुरू किया जाएगा। सरकार ने इसे सुशासन दिवस पर लॉन्च करने का प्लान बनाया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें देरी हो रही है। यह योजना 1340 बीमारियों को कवर करने का लक्ष्य रखती है और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा बताया है।
इस योजना के अंतर्गत हरियाणा के लगभग 3.5 लाख नियमित कर्मचारी, 3 लाख पेंशनभोगी और उनके 20 लाख आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों से कैशलेस उपचार का आनंद लेंगे। जिसके लिए कुल 569 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 1340 बीमारियां शामिल हैं। यह योजना सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में इनडोर रोगियों के लिए लागू होगी। योजना के पहले चरण में मत्स्य एवं बागवानी के 894 कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया है।

2017 में राज्य सरकार ने शुरू की गई एक सीमित कैशलेस योजना में केवल 6 जीवन-घातक आपात स्थितियां शामिल थीं, जैसे कि हृदय संबंधी आपात स्थिति, मस्तिष्क रक्तस्राव, कोमा, बिजली का झटका, कैंसर का तीसरा और चौथा चरण और दुर्घटनाएं।

6 जीवन घातक आपात स्थितियां भी शामिल
नई योजना में इसे बढ़ाकर, 6 जीवन-घातक आपात स्थितियां शामिल हैं, साथ ही उपचार के सभी स्वीकृत पैकेज भी शामिल हैं। इससे सभी इनडोर रोगियों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों से लेकर स्वास्थ्य संस्थानों और निजी अस्पतालों में उपलब्ध उपचार, डेकेयर प्रक्रियाएं और निदान का लाभ होगा।

सोशल सिक्योरिटी की दिशा में उठाया एक और कदम
इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री ने हरियाणा दिवस के मौके पर अंत्योदय परिवारों को भी सोशल सिक्योरिटी की दिशा में एक और कदम उठाया है। उन्होंने आयुष्मान-चिरायु योजना का दायरा बढ़ाकर 180000 से 300000 तक के परिवारों को इसका लाभ प्रदान करना शुरू किया है। अब तक 38000 परिवारों ने योजना के लिए आवेदन किया है। सरकार ने बताया है कि अब सभी परिवारों को आयुष्मान-चिरायु योजना का लाभ मिलने शुरू हो गया है।

