Haryana की BJP सरकार ने रेसलर विनेश फोगाट को सरकारी नौकरी का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव उस समय दिया गया है, जब वह कांग्रेस के टिकट पर विधायक (MLA) बन चुकी हैं। 25 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में उन्हें सिल्वर मेडलिस्ट जैसा सम्मान दिया गया और तीन विकल्प दिए गए। इनमें सरकारी नौकरी, 4 करोड़ रुपये की नकद राशि और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से एक प्लॉट का ऑफर शामिल था।
पेरिस ओलिंपिक में विनेश की मेहनत, लेकिन वजन की वजह से फाइनल से बाहर
2024 के पेरिस ओलिंपिक में विनेश फोगाट ने फाइनल तक पहुंचने का शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन 100 ग्राम वजन बढ़ने के कारण वह फाइनल मुकाबले से पहले ही बाहर हो गईं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तब विनेश को सिल्वर मेडलिस्ट जैसा सम्मान देने का ऐलान किया। हालांकि, इस पर विनेश की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कैसे बिना मेडल के लौटीं विनेश: एक दिन में 3 फाइट्स जीतने के बावजूद
विनेश ने 6 अगस्त 2024 को पेरिस ओलिंपिक में एक दिन में तीन मुकाबले जीते, जिसमें उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की चैंपियन यूई सुसाकी, यूक्रेन की पहलवान, और क्यूबा की पहलवान को हराया। वह फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनीं।
वजन बढ़ने के कारण रातभर संघर्ष: विनेश का कठिन प्रयास
विनेश का वजन सेमीफाइनल के बाद 52.7 किलोग्राम हो गया था, जबकि उनकी कैटेगरी 50 किग्रा थी। वजन घटाने के लिए उन्होंने पूरी रात मेहनत की, स्किपिंग, साइकिलिंग और यहां तक कि अपने बाल और नाखून तक काट दिए।
फाइनल के दिन 100 ग्राम अधिक: केवल 15 मिनट मिले
7 अगस्त को सुबह विनेश का वजन चेक किया गया और वह 100 ग्राम अधिक पाई गईं। उन्हें वजन घटाने के लिए सिर्फ 15 मिनट का समय दिया गया, लेकिन वह निर्धारित वजन में नहीं आईं, जिससे उन्हें फाइनल से बाहर कर दिया गया।
अयोग्यता के खिलाफ अपील: विनेश का संघर्ष जारी
विनेश ने अपनी अयोग्यता के खिलाफ खेल कोर्ट (CAS) में अपील की, जिसमें उन्होंने फाइनल खेलने की अनुमति देने की मांग की। जब यह संभव नहीं हो सका, तो उन्होंने यह अपील की कि सेमीफाइनल तक उनका वजन नियमों के अनुरूप था और उन्हें जॉइंट सिल्वर मेडल दिया जाए।
संन्यास की घोषणा: ओलिंपिक में मेडल से चूकने के बाद कुश्ती से अलविदा
ओलिंपिक में मेडल से चूकने के बाद, विनेश ने 8 अगस्त 2024 को कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई। माफ करना, आपका सपना, मेरी हिम्मत सब टूट चुकी।”
खेल कोर्ट ने याचिका खारिज की: बिना मेडल के लौटीं विनेश
खेल कोर्ट ने विनेश की याचिका खारिज कर दी, और पेरिस ओलिंपिक के बाद इसका फैसला आया। इसके बाद, विनेश बिना मेडल के ही देश लौट आईं, जहां दिल्ली एयरपोर्ट से उनके पैतृक गांव बलाली तक उनका भव्य स्वागत किया गया।
राजनीति में कदम: कांग्रेस जॉइन कर विधायक (MLA) बनीं विनेश
विनेश ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस जॉइन की और उन्हें जींद की जुलाना सीट से चुनावी टिकट मिला। विनेश ने पहले ही चुनाव में जीत हासिल कर विधायक (MLA) बनकर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की।