Haryana हरियाणा में नगर निकाय चुनावों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, और राज्य में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियां पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं। उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं और अब सिर्फ औपचारिक ऐलान बाकी है।

भाजपा का होमवर्क पूरा, कभी भी घोषित हो सकते हैं प्रत्याशी
भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नामों को लेकर नई दिल्ली में गहन मंथन किया है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के अनुसार ‘हमारा होमवर्क पूरा हो चुका है, हाईकमान से हरी झंडी मिलते ही प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे।‘ पार्टी ने इस बार भी विधानसभा चुनावों की तर्ज पर रणनीति बनाई है, जिसमें विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों को प्रचार की जिम्मेदारी दी जाएगी।
भाजपा की चुनावी रणनीति:
अनुभवी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्राथमिकता
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को टिकट
कमजोर प्रदर्शन करने वालों को टिकट से दूर रखा जाएगा
महिलाओं को भी मौका देने पर जोर

कांग्रेस भी तैयार, 15 फरवरी को प्रत्याशी घोषित होने की संभावना
कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। गुरुवार को पैनल तैयार होने के बाद प्रदेश स्तर पर मंथन होगा और 15 फरवरी तक प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी।
कांग्रेस की रणनीति:
मजबूत जनाधार वाले नेताओं को मौका
शहरी मतदाताओं को लुभाने के लिए घोषणापत्र तैयार
पिछली गलतियों से सबक लेकर बेहतर संगठनात्मक प्रबंधन
दीपेंद्र हुड्डा की मांग: हरियाणा में भी बैलेट पेपर से चुनाव हों
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जब उत्तराखंड में बैलेट पेपर से चुनाव हो सकते हैं, तो हरियाणा में क्यों नहीं?’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है और बैलेट पेपर से चुनाव कराना अधिक पारदर्शी रहेगा।

चुनाव आयोग की तैयारी: शांतिपूर्ण चुनाव के लिए 51 अफसर तैनात
राज्य चुनाव आयुक्त ने शहरी निकाय चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए आईएएस, आईपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
8 आईएएस अधिकारी सामान्य पर्यवेक्षक
7 आईपीएस अधिकारी पुलिस पर्यवेक्षक
20 एचसीएस अधिकारी प्रशासनिक कार्यों की निगरानी
10 डीईटीसी अधिकारी खर्च पर्यवेक्षक
चुनावी रोमांच अपने चरम पर
हरियाणा में निकाय चुनाव में भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, जबकि कांग्रेस इस बार वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। दोनों पार्टियों की चुनावी रणनीतियां अब जल्द ही जमीन पर दिखने लगेंगी।







