हरियाणा गुरुग्राम में धरने पर बैठे 1128 एकड़ जमीन के किसानों ने रविवार को महापंचायत की। जिसके बाद किसानों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम कर दिया। 1128 एकड़ जमीन के मुआवजे व ब्याज के लिए धरने पर बैठे किसानों को 191 दिन हो चुके हैं। हाईवे पर धरना देने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर लंबा जाम लग गया। मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंचा और किसानों को हटाने की कोशिश करने लगा। जिसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के आश्वासन के बाद सभी किसान हाईवे से हटे। जिला प्रशासन ने किसानों को एक हफ्ते में मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया है।
बता दें कि प्रदर्शन में महिलाएं भी मौजूद थीं। हाईवे जाम करने के बाद जाम लग गया। जिसके बाद मौके पर तहसीलदार पहुंचे और फिर एसडीएम रविंद्र यादव। रविंद्र यादव ने किसानों को आश्वासन दिया कि उन्होंने हाई अथॉरिटी से बात कर एक सप्ताह का टाइम मांगा है, जिसमें एक बैठक की जाएगी। बैठक में खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल व एचएसआईडीसी के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

एक हफ्ते में मुख्यमंत्री से मिलने की रखी मांग
वहीं आश्वासन मिलने के बाद सभी किसान हाईवे से तो हट गए, लेकिन किसानों की माने तो अगर एक हफ्ते के अंदर उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलवाया गया तो वह इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। आज तो 5000 लोग एकत्रित हुए हैं, उसके बाद 10,000 फिर 20,000 लोग आएंगे। जब तक उनका पैसा वापस नहीं मिलेगा, तब तक वह शांत बैठने वाले नहीं हैं।
मीटिंग में सभी तथ्यों को रखा जाए
किसानों ने बताया कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि मीटिंग में एचएसआईडीसी के अधिकारी, मुख्यमंत्री व चीफ सेक्रेटरी ऑफ हरियाणा मौजूद होंगे। उनकी मांग है कि मीटिंग में पटौदी के विधायक सत्य प्रकाश जरावता व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत भी शामिल हों, ताकि मीटिंग में सभी तथ्यों को रखा जाए। उन्होंने ये भी कहा कि अगर वह साबित नहीं कर पाए कि उनका ब्याज बनता है तो वह धरना उसी दिन छोड़ देंगे।
1128 एकड़ जमीन का बनता है ब्याज
किसानों की माने तो 25 जून 2022 को मुख्यमंत्री खुद मान चुके हैं कि 1128 एकड़ जमीन का ब्याज बनता है, परंतु इसमें लापरवाही बरती जा रही। अब किसानों ने आरपार का मन बना लिया है, अब वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। वह अपनी जान दे देंगे, लेकिन कदम पीछे नहीं हटाएंगे।

