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Karnal के युवक का अमेरिका में अंतिम संस्कार, परिजनों ने वीडियो कॉल से किए अंतिम दर्शन

करनाल बड़ी ख़बर हरियाणा

अमेरिका में पिछले दिनों सड़क हादसे में मारे गए करनाल के भारत नरवाल का अंतिम संस्कार न्यू जर्सी सिटी में कर दिया गया। मृतक के ताऊ के बेटे राजेश ने भारत को मुखाग्नि दी। परिवार ने सरकार और प्रशासन से भारत का शव इंडिया लाने की गुहार लगाई थी, लेकिन यह नहीं हो सका।

वीडियो कॉलिंग के जरिए परिजनों ने अपने इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन किए। करनाल के नरूखेड़ी गांव स्थित घर में 2 एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं। एक स्क्रीन पुरुषों के लिए थी तो दूसरी महिलाओं के लिए थी। परिजनों ने बिलखते हुए अपने जिगर के टुकड़े को विदाई दी। अब भारत की अस्थियां इंडिया लाई जाएंगी और परिवार इन अस्थियों को गंगा में प्रवाह करेगा।
बता दें कि अमेरिका इंडिया से करीब 12 घंटे पीछे है। जब अमेरिका की न्यू जर्सी सिटी के फ्रैंकलिन मेमोरियल पार्क 1800 आरटी, 27 नॉर्थ बर्न्सविक एन, में भारत का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उस समय इंडिया में रात के साढ़े 9 बजे थे। भारत का अंतिम संस्कार अमेरिका में पूरे मंत्रों उच्चारण और हिन्दू धर्म के रीति रिवाज़ के अनुसार करीब डेढ़ घंटे तक किया गया।

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17 अक्टूबर को पलटी थी अचानक गाडी
भारत तीन साल पहले वह साइप्रस से पढ़ाई करके भारत लौटा था। इसके बाद पिता ऋषिपाल ने 40 रुपए कर्ज लेकर उसे डोंकी के रास्ते अमेरिका भेजा था। करीब 8 महीने से वह न्यू जर्सी सिटी में एक स्टोर पर काम कर रहा था। उसके साथ एक मैक्सिको का युवक भी था। 17 अक्टूबर की रात को वह स्टोर से अपना काम खत्म करके दोस्त की गाड़ी से अपने घर जा रहे थे। रास्ते में ही अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी डिवाइडर से टकराते हुए सड़क पर पलट गई। जिसमें भारत और उसके दोस्त की मौत हो गई।

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घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया
हादसे से एक दिन पहले भारत की पिता से बात हुई थी। उसने आश्वासन दिया था कि वह जल्द सभी का कर्ज उतार देगा। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था और अगले दिन ही मौत की खबर आई। घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। भारत की एक बड़ी बहन भी है, उसकी शादी हो चुकी है।

सरकार से नहीं मिली मदद
परिजन चाहते थे कि वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने देश मे ही करें। जिसके लिए सरकार से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन कुछ भी मदद नहीं मिली। अब परिजन सिर्फ वीडियो कॉल पर ही अंतिम दर्शन और दाह संस्कार देख पाए।